प्रयागराज, जेएनएन। जिले के हंडिया और मेजा में बुधवार को नदी अधिकार यात्रा का जमकर विरोध हुआ। निषाद पार्टी से जुड़े कार्यकर्ताओं के विरोध के चलते हंडिया के दुमदुमा घाट में सभा तक नहीं हो सकी। देर शाम मेजा थाना क्षेत्र के छतवा गांव में लगाए जा रहे टेंट को भी निषाद राज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उखाड़ दिया।  


प्रियंका गांधी वाड्रा के निर्देश पर निकाली गई है यह यात्रा

आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बसवार प्रकरण की आड़ में निषादों को अपने पाले में करने जुटी कांग्रेस को सियासी विरोध का भी सामना करना पड़ रहा है। बीती 21 फरवरी को प्रियंका गांधी वाड्रा बसवार गांव पहुंचीं थीं और निषादों की लड़ाई सड़क से संसद तक लडऩे का एलान किया था। दिल्ली लौटने के बाद पहली मार्च से बलिया के मांझी घाट तक नदी अधिकार यात्रा निकालने की घोषणा की थी। वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने नियत तिथि पर बसवार से इस यात्रा को रवाना किया था। 


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की मौजूदगी भी नहीं टाल सकी विरोध

दूसरे दिन यात्रा में स्थानीय पदाधिकारियों की बेरुखी दिखी तो खुद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार 'लल्लूÓ बुधवार को यात्रा की अगुवाई करने पहुंच गए। तीसरे दिन यानी बुधवार को यात्रा करछना के डीहा से चल कर हंडिया के दुमदुमा घाट पहुंची। गांव के रामलीला मैदान के पास सभा तय थी। शुरुआत होते ही निषादों का समूह पहुंचा और कांग्रेस विरोधी नारेबाजी करते हुए हंगामा करने लगा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष समेत अन्य कांग्रेसियों ने समझाने का प्रयास किया पर सफलता हाथ नहीं लगी। विरोध बंद नहीं हुआ तो कांग्रेसी अगले पड़ाव की तरफ बढ़ लिए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का कहना है कि विपक्ष के इशारे पर विरोध हुआ है। हंगामे जैसी कोई बात नहीं थी। शाम करीब छह बजे यात्रा छतवा गांव पहुंची। यहां एक गेस्ट हाउस में रुकना था। कांग्रेसी गांव के बाहर टेंट लगाने लगे। निषाद राज पार्टी कार्यकर्ताओं ने इसे उखाड़ फेंका। यहीं अपनी यात्रा में शामिल सहारनपुर के एक युवक को कांग्रेसियों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। कांग्रेसियों का दावा है कि वह यात्रा की गोपनीय गतिविधियों को निषाद पार्टी प्रमुख संजय निषाद से साझा कर रहा था। 

यह है पूरा मामला 

चार फरवरी को बसवार गांव के पास यमुना से बालू के अवैध खनन के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की थी। इसमें दर्जन भर नावों को तोड़ा डाला गया था। दो सौ से अधिक लोगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया है। यह प्रकरण सियासी गर्मी का सबब बना है। सपा व निषाद पार्टी की तरफ से प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया गया है। भाजपा भी डैमेज कंट्रोल में जुटी है। संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने मंगलवार को विधानसभा में कहा था कि सरकार नावों तोड़े जाने और ज्यादती की जांच करवाएगी। 

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