जासं, प्रयागराज : संगम में डूबे आठ साल के अलगिरी साई सिद्धार्थ की तलाश में रविवार को भी जल पुलिस के जवान और गोताखोर जुटे रहे, मगर उसका कुछ नहीं पता चल सका। पुलिस ने गंगा में छोटे-बड़े चार जाल डालने के बाद अलग-अलग घाटों तक छानबीन कराई, लेकिन कुछ सफलता नहीं मिली। अब सोमवार को भी सर्च ऑपरेशन चलेगा।

वहीं, हादसे की खबर मिलने के बाद आंध्र प्रदेश से साईं सिद्धार्थ के पिता अलगिरी मुनी और मां बी. सुप्रिया भी माघ मेला पहुंच गईं। संगम घाट पर जाते ही उनके आंखों से आंसू छलक आए तो स्वजनों ने किसी तरह ढांढस बंधाया। वह पानी के साथ ही मेले में अपने बच्चे को तलाशते रहे। जबकि बाबा ईनागराज और दादी खुद को कोसते रहे। पुलिस का कहना है कि संगम, अरैल, नीबी, मवैया, छतनाग, झूंसी तक रविवार को खोजबीन की गई। पानी में बहाव तेज होने के कारण गोताखोरों को भी कुछ परेशानी आ रही है, लेकिन सभी लोग लापता बच्चे की तलाश में जुटे हैं। मेला के नोडल अधिकारी आशुतोष मिश्रा का कहना है कि लापता बच्चे के लिए सर्च ऑपरेशन चल रहा है। मेजा और हंडिया पुलिस से भी अपने घाटों पर तलाश के लिए कहा गया है। आंध्र प्रदेश के चित्तूर निवासी ई नागराज शनिवार को बच्चा समेत परिवार के छह सदस्यों के साथ संगम पहुंचे थे। वह साईं सिद्धार्थ को स्नान करवा रहे थे, तभी बच्चा हाथ से फिसलकर पानी में चला गया और बह गया था। तब से जल पुलिस, गोताखोर और एसडीआरएफ के जवान उसकी तलाश में जुटे हुए हैं।

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