प्रयागराज, जागरण संवाददाता। प्रयागराज में प्रतिवर्ष पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की जयंती पर 19 नवंबर को होने वाले इंदिरा मैराथन (Indira Marathon) की तैयारियां शुरू हो गई है। इंदिरा मैराथन के साथ ही क्रास कंट्री (Cross Country) का आयोजन पूर्व में किया जाता रहा है लेकिन 2021 में इसका आयोजन नहीं हुआ था। इस बार भी इंदिरा मैराथन के साथ क्रास कंट्री रेस के आयोजन पर असमंजस की स्थिति बरकरार है। खेल विभाग केवल इंदिरा मैराथन कराने के ही पक्ष में है और इसे लेकर मंत्रणा जारी है।

इंदिरा मैराथन के साथ पूर्व में होता रहा है क्रास कंट्री : खेल विभाग की मंशा इस बार भी इंदिरा मैराथन कराने की ही नजर आ रही है। हालांकि इसे लेकर विमर्श किया जा रहा है। अगर इस बार भी क्रास कंट्री का आयोजन इंदिरा मैराथन के साथ नहीं हुआ तो संभव है कि भविष्‍य में फिर शायद ही कभी इंदिरा मैराथन के साथ इस रेस का आयोजन हो सके।

क्रास कंट्री नहीं कराने की क्‍या है वजह : इंदिरा मैराथन इतना बड़ा आयोजन होता है। जिला प्रशासन, पुलिस, खेल विभाग के अधिकारी कर्मचारी, हजारों की संख्या में वालंटियर सब इसमें जुड़े होते हैं। इंदिरा मैराथन सुबह शुरू होती है और पुरस्कार वितरण होते-होते शाम के चार बज जाते हैं। सारा तंत्र इंदिरा मैराथन को संपन्‍न कराने में ही व्यस्त रहता है। ऐसे में क्रास कंट्री को पूरा कराना मुश्किल हो जाता है। इसमें हर बार रिजल्ट को लेकर विवाद भी होता है। आरोप लगते हैं कि बीच लाइन में कोई आकर जुड़ जाता है। कोई बाइक पर बैठकर आता है और बीच में दौड़ शुरू कर देता है। ऐसे में विवादों से बचने के लिए इस बार भी खेल विभाग क्रास कंट्री कराने से अपने कदम पीछे खींच रहा है।

क्‍यों होता है प्रतिवर्ष इंदिरा मैराथन : आयरन लेडी के नाम से मशहूर रहीं पूर्व प्रधानमंत्री स्‍वर्गीय इंदिरा गांधी का जन्‍म प्रयागराज (पूर्व में इलाहाबाद नाम) में 19 नवंबर को हुआ था। उनकी याद में 1985 से इंदिरा मैराथन का आयोजन यहां शुरू हुआ। इस बार 37 वीं इंदिरा मैराथन का आयोजन किया जाना है। इसके लिए खेल विभाग द्वारा तैयारियां शुरू कर दी गई है। इस प्रतियोगिता का आयोजन इंदिरा गांधी के जन्मदिन पर 19 नवंबर को होता है।

प्रयागराज के क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी बोलीं : क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी विमला सिंह ने बताया कि इंदिरा मैराथन के आयोजन को लेकर तैयारियां शुरू कर दी है। हर बार इंदिरा मैराथन का समापन समारोह मदन मोहन मालवीय स्टेडियम के मैदान पर होता था। हालांकि अभी मैदान में सिंथेटिक ट्रैक निर्माण का कार्य चल रहा है। इसके कारण कार्यक्रम स्थल को लेकर रणनीति बनाई जा रही है। अभी यह तय नहीं किया गया है कि समापन समारोह कहां कराया जाए लेकिन, परंपरा के अनुक्रम में स्टेडियम का ही चयन होने की संभावना है। बोलीं कि हमारी कोशिश होगी कि जल्द से जल्द स्टेडियम में जो कार्य चल रहा है वह पूरा हो जाए जिससे इंदिरा मैराथन के समापन समारोह का स्थान स्टेडियम में ही सुनिश्चित हो सके।

Edited By: Brijesh Srivastava

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