प्रयागराज, जेएनएन: शांति के लिए नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने गुरुवार को आयोजित इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के दीक्षा समारोह में निरंतर आगे बढऩे का युवाओं का आह्वïान किया। छात्र-छात्राओं से कहा कि चुनौती को स्वीकार कीजिए, अपने अंदर की करुणा को जगाइए, छोटे दायरे से ऊपर उठिए, अपने दृष्टिकोण को विस्तार दीजिए। भारत को आपकी जरुरत है, दुनिया को आपकी जरुरत है। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद सत्यार्थी ने 77 छात्र-छात्राओं को पीएचडी, 46 मेधावियों को मेडल प्रदान किया। कुलपति प्रो.रतन लाल हांगलू ने इविवि के पुरा छात्र पं.बंगाल और बिहार के पूर्व राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी को एलएलडी की मानद उपाधि से अंलकृत किया। प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह के न पहुंचने पर उनकी डीलिट की मानद उपाधि को कुलसचिव एनके शुक्ला ने ग्रहण किया।

केंद्रीय विश्वविद्यालय के लगभग सौ वर्ष पुराने सीनेट हॉल में आयोजित भव्य समारोह में नोबेल पुरस्कार विजेता ने लगभग एक घंटा 20 मिनट तक दीक्षांत भाषण दिया। उन्होंने जीवन के हर मोड़ पर सफल होने के लिए छात्रों को थ्रीडी (ड्रीम, डिस्कवरी व डू) का फॉर्मूला समझाया। बोले ड्रीम का मतलब सपना। बड़ा सपना देखिए। पूरी दुनिया के लिए सपना देखिए। दूसरा डिस्कवरी, जिसका मतलब खोज। अपने अंदर की अनंत शक्ति की तलाश कीजिए। अपनी ताकत को पहचानिए। तीसरा डू, जिसका अर्थ है करो। कर डालो, मगर डर कर कुछ न करो। उन्होंने हाथ में डिग्रियां और गले में मेडल पहनने वाले मेधावियों को सपने भी दिखाए। कहा कि मैदान हो अथवा ङ्क्षरग, उसमें जीतने के लिए उतरिए। हारने के डर से मैदान में उतरने के बजाय कोने में छिपने की आदत मत पालिए। इतिहास रचने के लिए आगे बढि़ए। यह भी कहा कि आज डिग्री और मेडल प्राप्त करने वालों में किसी को नोबेल पुरस्कार मिला तो वह खुद सेरेमनी में आएंगे। शिक्षक दिवस के मौके पर उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा और उनके रिश्ते पर भी प्रकाश डाला। विश्वविद्यालय के छात्र शहीद लाल पद्मधर का स्मरण भी किया।

दीक्षा समारोह की शुरुआत विश्वविद्यालय के कुलगीत और स्वागत गीत से हुआ। इसके बाद मुख्य अतिथि ने विभिन्न वर्गों के मेधावियों को डिग्री व मेडल प्रदान किए। छह मेधावियों को चांसलर अवार्ड से नवाजा गया। कुलपति प्रो.हांगलू ने मुख्य अतिथि कैलाश सत्यार्थी को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

भारत की बेटियों ने पांच हजार साल की गुलामी के बंधन को तोड़ा : सत्यार्थी

इविवि दीक्षा समारोह में मेडल प्राप्त करने में छात्राओं की ज्यादा संख्या ज्यादा होने पर कैलाश सत्यार्थी ने कहा कि भारत की बेटियों ने पांच हजार साल की गुलामी के बंधन को तोड़ दिया। कहा कि बेटियों ने साबित कर दिया कि अब भारत को कोई आगे बढऩे से नहीं रोक सकता है। मेडल प्राप्त करने वाले छात्रों का भी उन्होंने उत्साह बढ़ाया। कहा कि बेटों ने भी काफी कोशिश की है और काफी संख्या में उन्हें भी मेडल मिला है।

खास बातें:

23 वर्षों बाद इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय में हुआ दीक्षा समारोह

77 छात्र-छात्राओं को मुख्य अतिथि ने प्रदान की पीएचडी की डिग्री

46 मेधावियों को गौरवपूर्ण समारोह में प्रदान किया गया मेडल

02 लोगों पूर्व राज्यपाल केशरीनाथ व डीजीपी ओपी सिंह को मानद उपाधि

Posted By: Brijesh Srivastava

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