प्रयागराज, जेएनएन। नौकरी के नाम पर 13 लाख रुपये की ठगी करने के आरोपित स्कूल प्रबंधक रजनीकांत शुक्ला से पूछताछ में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। पता चला कि धोखाघड़ी के इस खेल में शिक्षा विभाग के कई कर्मचारी भी शामिल थे। ऐसे में उन कर्मचारियों के बारे में जानकारी जुटाकर पुलिस शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है। साथ ही मुकदमा दर्ज कराने वाले दामाद ने आरोप लगाया था कि रजनीकांत ने खुद अपनी नौकरी भी जालसाजी के जरिए लगवाई थी। पुलिस इस तथ्य को भी तस्दीक कर रही है।

स्‍कूल प्रबंधक के खिलाफ दामाद ने केस दर्ज कराया है

इंस्पेक्टर औद्योगिक क्षेत्र जितेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि रजनीकांत के खिलाफ भावापुर करेली निवासी उनके दामाद सुनील कुमार शुक्ला ने धोखाधड़ी, गाली-गलौज व धमकी के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया है। हालांकि उसने चेक में रकम भरने में भी होशियारी की थी, जिससे पीडि़त को पैसा नहीं मिल सका था। ऐसी कूटरचना करने पर मुकदमा में धारा की बढ़ोतरी की गई है। इसके साथ ही उसकी रायफल व रिवाल्वर का लाइसेंस निरस्त करने के संबंध में रिपोर्ट मीरजापुर के अधिकारियों को भेजी गई है।

अगवा स्‍कूल प्रबंधक को पुलिस ने छुड़ाया था, आरोपितों की पुलिस को तलाश

औद्योगिक क्षेत्र के बेंदों गांव निवासी रजनीकांत को कुछ दिन पहले कार सवार युवकों ने मनमोहन पार्क से अगवा किया था। तब पुलिस ने अपहरणकर्ता को पकड़ते हुए रजनीकांत को छुड़ा लिया था। जांच में पता चला था कि उसके खिलाफ भी औद्योगिक समेत कई थाने में मुकदमा दर्ज है। फिर दामाद की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराने पर उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इंस्पेक्टर कर्नलगंज विनीत सिंह का कहना है कि अगवा करने के अभियुक्तों की तलाश चल रही है।

Edited By: Brijesh Srivastava