जागरण संवाददाता, प्रयागराज : कायस्थ पाठशाला ट्रस्ट ओर से शुक्त्रवार को संस्थापक दिवस पर विभिन्न आयोजन हुए। सुबह ट्रस्ट मुख्यालय में हवन-पूजन हुआ। इसके बाद धूमधाम से मुंशी काली प्रसाद 'कुलभाष्कर' की शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा के समापन पर कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि मुंशी काली प्रसाद का जीवन तप और साधना का था। 150 वषरें के इतिहास में कायस्थ पाठशाला ने चतुर्मुखी विकास किया और शिक्षा के माध्यम से समाज की उन्नति में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।

ट्रस्ट के अध्यक्ष चौधरी जितेंद्र नाथ सिंह ने कहा कि किसी भी संस्था का 150 वर्ष पूरा होना गौरव की बात है। इसके पूर्व कैबिनेट मंत्री और ट्रस्ट के अध्यक्ष के नेतृत्व में गाजे-बाजे के साथ शोभायात्रा सिविल लाइंस में हनुमान मंदिर चौराहा से शुरू हुई, जिसमें ट्रस्ट के अधीनस्थ 17 शिक्षण संस्थाओं के छात्र-छात्राएं, शिक्षक, न्यासी शामिल थे। केपी कालेज स्थित मुंशीजी की प्रतिमा के पास यात्रा का समापन हुआ। इसमें चौधरी राघवेंद्र नाथ सिंह, यस डी कौटिल्य, अनिल कुमार श्रीवास्तव, रमेश चंद्र श्रीवास्तव, रवि श्रीवास्तव, नवीन सिन्हा, राकेश श्रीवास्तव, सत्य प्रकाश श्रीवास्तव आदि शामिल थे। वहीं, केपी कम्युनिटी सेंटर में आयोजित जन्मतिथि समारोह में मुख्य अतिथि और मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष बालकृष्ण नारायण ने कहा कि मुंशी जी आदर्श व्यक्तित्व के धनी थे। इस अवसर पर वीर एवं साहसी बालिका जान्या श्रीवास्तव का अभिनंदन किया गया। अध्यक्षता ट्रस्ट के अध्यक्ष और संचालन प्राचार्य आनंद श्रीवास्तव ने किया। समारोह में कायस्थ पाठशाला के पूर्व अध्यक्ष चौधरी राघवेंद्र नाथ सिंह, विजय शकर लाल, अतुल गोपाल, कुलदीप नारायण, सुधा प्रकाश, अखिलेश श्रीवास्तव, मुकेश खरे आदि मौजूद थे।

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