प्रयागराज, जागरण संवाददाता। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि के मौत के मामले में जेल में बंद आनंद गिरि का शुक्रवार को बयान दर्ज किया गया। दोपहर बाद जेल पहुंचे विवेचक ने उनसे पूछताछ की। जेलर कार्यालय के पीछे बने कमरे में करीब डेढ़ घंटे तक चली पूछताछ के दौरान वहां किसी के फटकने नहीं दिया गया। पूछताछ समाप्त होने के बाद आनंद गिरि फिर अपने बैरक में चले गए। इससे पहले अधिवक्ता प्रभा शंकर मिश्रा भी आनंद से मिलने पहुंचे थे। फिलहाल किसी और शख्स को जेल में आनंद से नहीं मिलने दिया गया। 

एक के बाद एक तीनों आरोपित जेल में

सोमवार को श्री मठ बाघंबरी गद्दी में महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध हालात में मृत्यु के बाद मुकदमा लिखकर पुलिस ने आनंद गिरि को हरिद्वार से पकड़ा था जबकि लेटे हनुमान मंदिर के पुजारी आद्या प्रसाद तिवारी और उनके पुत्र संदीप के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस लिखाया था। कई घंटे तक तमाम पूछताछ के बाद अदालत के आदेश पर बुधवार की शाम आनंद गिरि और पुजारी आद्या तिवारी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में नैनी सेंट्रल जेल पहुंचा दिया गया था। दूसरे दिन आरोपित संदीप तिवारी को भी एसआइटी ने गिरफ्तार किया और फिर कोर्ट में पेश करने के बाद जेल पहुंचा दिया था। अब वे तीनों नैनी जेल की हाई सिक्योरिटी बैरक में बंद हैं। बैरक में आद्या प्रसाद और संदीप एक कमरे में हैं जबकि आनंद गिरि को अलग रखा गया है। 

जेल में गुमसुम आनंद करते दिखे योगा

आनंद गिरी जब से जेल में पहुंचे हैं, तब से गुमसुम हैं।  हो भी क्यों न, मसला ही कुछ ऐसा संगीन है। पूरे देश में यह मामला सुर्खियों में छाया है। यहां तक कि तीन दिन के भीतर मामले की सीबीआइ जांच के आदेश के बाद केस लिखकर टीम आ चुकी है। शुक्रवार को विवेचक और उनके वकील के अलावा कोई उनसे मिलने नहीं पहुंचा। तीनों दिनचर्या के अलावा कमरे से बाहर नहीं निकल रहे। तीनों की एक दूसरे भी मुलाकात नहीं हो पा रही। जेल प्रशासन का कहना है कि आनंद से अधिवक्ता प्रभाशंकर मिश्रा मिलने आए थे। इसके अलावा विवेचक ने भी बयान लिया है।

Edited By: Ankur Tripathi