प्रयागराज, जेएनएन। श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या में मंदिर निर्माणाधीन है। इसके बीच मंदिर की जमीन को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। विपक्षी दल मंदिर के लिए जमीन खरीद में भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट, आरएसएस, विहिप व भाजपा को घेरने में जुटे हैं। वहीं संत समाज खुलकर ट्रस्ट के साथ खड़ा है। संतों की सबसे बड़ी संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने नेताओं को आस्था से खिलवाड़ न करने की अपील की है। 

कुचक्र रचकर मंदिर निर्माण रुकवाने का असफल प्रयास कर रहे : महंत नरेंद्र गिरि

अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि का कहना है कि आस्था पर चोट करने वालों को चुनाव में वोट नहीं मिलेगा। वो गफलत में हैं कि मंदिर का काम रुकवाने से जनता उनके साथ खड़ी हो जाएगी। कहा कि पहले कोर्ट में श्रीराम मंदिर का निर्माण रुकवाने के लिए व्यवस्था खड़ा किया गया। हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोर्ट में अच्छी पैरवी करवाकर मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त कर दिया। कोर्ट में हारने वाले लोग अब तरह-तरह का कुचक्र रचकर मंदिर का निर्माण रुकवाने का असफल प्रयास कर रहे हैं। 

बोले, ट्रस्‍ट का काम पारदर्शी है

महंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि जिस चंपत राय पर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया जा रहा है, उनका जीवन संत के समान है। उन्होंने श्रीराम के लिए सर्वस्व न्योछावर कर दिया है। ऐसे त्यागी पुरुष के ऊपर भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वालों को प्रभु श्रीराम कभी माफ नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट का काम पारदर्शी है, उसमें किसी को संदेह नहीं है। जो लोग हिंदू जनमानस में भ्रम की स्थिति पैदा कर रहे हैं ट्रस्ट उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करे।

Edited By: Brijesh Srivastava