प्रयागराज, जेएनएन। रोशन बाग के मंसूर अली पार्क में ढाई महीने से चल रहे सीएए विरोधी आंदोलन को खत्म कराने में जिला पुलिस प्रशासन नाकाम हो गया है। दरअसल पुलिस अभी जोर जबरदस्ती करने की बजाय मनाने और समझाने की रणनीति अपना रही है लेकिन आंदोलनकारी मानने को तैयार ही नहीं हैं। कोरोना वायरस के खतरे और देश हित का हवाला देना भी बेकार साबित हो चुका है। ऐसे में अब प्रशासन में भी नाराजगी बढ़ी है। उधर लॉक आउट की घोषणा के बाद सोमवार को मंसूर अली पार्क में संख्या काफी कम रही।

मंसूर अली पार्क में सीएए के विरोध में 12 जनवरी से सीएए विरोधी आंदोलन जारी है

मंसूर अली पार्क में 12 जनवरी से चल रहा सीएए विरोधी आंदोलन जारी है। होली के बाद कोरोना वायरस संक्रमण शुरू होने पर प्रशासनिक अधिकारी तीन बार मंसूर अली पार्क गए। उन्होंने देश और समाज हित में धरना खत्म कर घर में रहने की अपील की लेकिन कोई असर नहीं पड़ा। शनिवार को फिर एडीएम सिटी अशोक कनौजिया, एसपी सिटी बृजेश श्रीवास्तव और एसपी क्राइम आशुतोष मिश्र समेत कई अधिकारी आंदोलनकारियों को मनाते रहे लेकिन वे नहीं माने।

एसपी सिटी ने कहा-वरना करनी पड़ेगी सख्ती

आंदोलनकारियों का यह हठी रवैया समाज के लिए सही नहीं है। कोरोना वायरस के खतरे के चलते देश दुनिया में लोग शासन और प्रशासन का सहयोग कर रहे हैैं। वहीं मंसूर अली पार्क में सीएए के विरोध में आंदोलनकारियों को किसी की फिक्र नहीं है। अभी प्रयास किया जा रहा है कि वे बातों से मान जाएं वरना फिर सख्ती करनी पड़ेगी।

प्रशासन की सख्ती का अंदाजा लगा तो दिखा असर

जिला व पुलिस प्रशासन के बार-बार समझाने के बाद भी मंसूर अली पार्क में सीएए के विरोधियों का आंदोलन जारी है। इस पर प्रशासन ने सख्त कदम उठाने की बात कही थी। अब लॉक आउट का शासन ने आदेश दे दिया तो आंदोलनकारियों में खलबली मच गई। उन्होंने अंदाजा लगाया कि अब प्रशासन उनके खिलाफ सख्त कदम उठा सकता है। ऐसे में सोमवार को धरना स्थल पर संख्या में काफी कमी दिखी। हालांकि पुलिस का वहां सख्त पहरा भी है।

 

Posted By: Brijesh Srivastava

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