प्रयागराज : इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छह छात्रावासों के 265 कमरों में अवैध कब्जा है। अच्युतानंद शुक्ला हत्याकांड के बाद छात्रावासों में अराजकतत्वों को फिर से चिह्नित किया गया है। चीफ प्रॉक्टर प्रो. राम सेवक दुबे को छह छात्रावासों के अधीक्षकों ने कमरों में अवैध रूप से रह रहे लोगों की सूची सौंपी है।
 इलाहाबाद विश्वविद्यालय के लिए छात्रावास परेशानी का सबब बन गए हैं। अगर खाली कराया जाए तो बवाल होता है और न खाली कराया जाए तो वहां अराजकतत्वों का कब्जा रहता है। विगत कुछ वर्षों में छात्रावासों में कई अप्रिय घटनाएं हो चुकी हैं। अच्युतानंद शुक्ला की पीसीबी छात्रावास में विगत दिनों हत्या होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक बार फिर अराजकतत्वों को बाहर का रास्ता दिखाने का फैसला किया है। इसी कड़ी में चीफ प्रॉक्टर प्रो. राम सेवक दुबे ने सभी छात्रावासों के अधीक्षकों को पत्र लिखकर छात्रावासों में रह रहे अवैध लोगों की सूची देने को कहा था। छह छात्रावासों के अधीक्षकों ने सूची भेज दी है। 

इन छात्रावासों में है अवैध कब्जे :
अधीक्षकों द्वारा पेश की गई सूची के मुताबिक सर सुंदर लाल छात्रावास में 63 कमरों में अवैध कब्जा है, जबकि कुल 243 कमरे यहां हैं। जीएन झा में 202 के सापेक्ष 14, पीडी गल्र्स में 486 में एक भी नहीं, सरोजनी नायडू में 229 के सापेक्ष 40, शताब्दी महिला में 202 के सापेक्ष 14 व एएनझा में 166 में से 37 कमरे ऐसे हैं जिनमें अवैध रूप से कब्जा है।

 दीपावली के बाद पड़ेगी रेड :
पीसीबी छात्रावास में विगत दिनों छात्रनेता अच्युतानंद की गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद से इविवि प्रशासन थोड़ा सतर्क हुआ है। इसी कड़ी में छात्रावासों में अवैध कब्जे से कमरों को मुक्त करने के लिए दीपावली के बाद अभियान चलाया जाएगा। प्रॉक्टोरियल बोर्ड की जिला व पुलिस प्रशासन के साथ बैठकें हो चुकी हैं। माना जा रहा है कि पर्व के बाद कमरों से अवैध कब्जा हटवाया जाएगा।

 छह छात्रावासों की सूची मिली है। इसका परीक्षण कराकर विधिक कार्रवाई की जाएगी। जल्द ही छात्रावास अवैध कब्जे से मुक्त होंगे।
-प्रो. राम सेवक दुबे, चीफ प्रॉक्टर, इलाहाबाद विश्वविद्यालय

Posted By: Brijesh Srivastava

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