प्रयागराज : इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रावासों में अवैध रूप से कमरों पर कब्जा जमाए दबंगों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की तैयारी है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अवैध कब्जेदारों की सूची तैयार कर ली है। उनके खिलाफ कर्नलगंज कोतवाली में एफआइआर दर्ज होगी। इसके अलावा विश्वविद्यालय अवैध रूप से कमरों में रह रहे लोगों को चरित्र प्रमाणपत्र न देने, नाम काली सूची में डालने, किसी सरकारी नौकरी में चयनित किए जाने पर सत्यापन में प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्णय लिया गया है।

कुलपति ने कार्रवाई की अनुमति दी थी

इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्रसंघ पदाधिकारियों द्वारा अराजकता के विरुद्ध सहयोग का किया गया वादा टूटने के बाद चीफ प्रॉक्टर प्रो. राम सेवक दुबे ने कुलपति से अवैध रूप से रह रहे लोगों के खिलाफ रिपोर्ट लिखाने की अनुमति मांगी थी। कुलपति ने नामजद एफआइआर दर्ज करने की अनुमति दे दी थी। चीफ प्रॉक्टर प्रो. दुबे ने कुलपति को लिखे पत्र में कहा था कि 10 जनवरी 2019 को विश्वविद्यालय प्रशासन व छात्रसंघ के पदाधिकारियों के बीच इस बात पर समझौता हुआ था कि छात्रसंघ पदाधिकारी हॉस्टलों में रह रहे अवैध लोगों को बाहर करने में सहयोग करेंगे।

 इस सहयोग के बदले विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों को यह आश्वासन दिया था कि कैंपस में बिना अनुमति के पुलिस प्रवेश नहीं करेगी। विश्वविद्यालय ने तो अपना वादा निभाया पर छात्रसंघ पदाधिकारियों और नेताओं ने इस मामले में कुछ नहीं किया। यह कार्रवाई इसी कड़ी का हिस्सा है।

इविवि के चीफ प्राक्टर ने कहा

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर प्रो. राम सेवक दुबे ने बताया कि ऐसे लोगों की सूची तैयार हो गई है। सभी छात्रावासों के अधीक्षकों ने अवैध हॉस्टलरों के नाम दे दिए हैं। गुरुवार से ऐसे छात्र, पूर्व छात्रों के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।

 

Posted By: Brijesh Srivastava

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