प्रयागराज, जेएनएन। बहरिया थाना क्षेत्र के दलीपुर गांव स्थित ससुराल में पति ने पत्नी की हत्या कर दी। मंगलवार की रात में चाकू से कई वार कर पत्नी को मौत के गले उतारने के बाद आरोपित पति फरार है। सुबह जानकारी होने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर आरोपित की तलाश पुलिस कर रही है। हालांकि अभी तक हत्या की वजह का पता नहीं चल सका है।

शादी के बाद से बबिता मायके में रह रही थी

दलीपुर गांव निवासी स्वर्गीय ओमप्रकाश की 27 वर्षीय पुत्री बबिता की शादी मऊआइमा थाना क्षेत्र के डडिया के रहने वाले कल्लू के पुत्र मनगू से हुई थी। बताते हैं कि शादी के बाद भी बबिता मायके में ही रह रही थी। एक बार उसका पति कहीं बाहर लेकर गया था किंतु वह वहां ज्यादा दिन नहीं रही और फिर माइके में आकर रहने लगी थी। बबिता के घरवालों के अनुसार मनगू पिछले 20 दिन से ससुराल में ही आकर रह रहा था।

हत्या का कारण नहीं हो सका स्पष्ट, पुलिस कर रही जांच

मंगलवार की रात सभी परिवार के लोग सो रहे थे। आरोप है कि इसी बीच रात में लगभग दो बजे बबिता पर उसके पति मनगू ने चाकू से कई बार प्रहार किया। बबिता की चीख सुनकर जब तक परिवार के लोग वहां पहुंचते मनगू वहां से फरार हो गया। लहूलुहान हालत में बबिता को देख घर में रोना-पिटना मच गया। शोर सुनकर  आस-पड़ोस के भी लोग जुट गए। गंभीर हालत में उसे लेकर स्वजन स्थानीय चिकित्सक के पास लेकर गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच-पड़ताल किया। परिवार के लोगों से पुलिस ने पूछताछ भी की लेकिन हत्या का कारण स्पष्ट अभी नहीं हो सका है।

तीन मासूमों के सिर से उठा मां का साया

बबिता के पिता ओमप्रकाश की मौत डेढ़ वर्ष पूर्व हुई थी। ओमप्रकाश सिकंदरा स्थति एक कुएं में गिरी बकरी को निकालने के लिए अंदर गया था। कुएं में जहरीली गैस के कारण दम घुटने से उसकी मौत हो गई थी। वहीं हत्या के बाद बबिता के तीन पुत्र सात वर्षीय शुभम, चार वर्षीय अजय और दो वर्षीय आदित्य अनाथ हो गए हैं। उन मासूमों को पता ही नहीं कि अब मां का साया उनके सिर से उठ चुका है।

Posted By: Brijesh Srivastava

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