प्रयागराज, जेएनएन। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र में आप ज्यों ही पहुंचेंगे, लजीज व्यंजनों की खुशबू आपको मस्त कर देगी। बरबस आप स्टॉल तक खिंले चले जाएंगे। और ऐसा हो भी क्यों न, शिल्प के हस्तनिर्मित उत्पाद और लजीज व्यंजनों को बनाने में माहिर देश के नामी हुनरमंद उस्तादों का यहां जमावड़ा जो है।  मेला 'हुनर हॉट' एनसीजेडसीसी के प्रांगण में शुक्रवार को मूर्तरूप में आ गया है। यहां देश भर के प्रसिद्ध लजीज व्यंजनों के साथ ही शिल्प के एक से बढ़कर एक सामान भी उपलब्ध है।

 

हुनर हॉट में राज्यों के शिल्प स्टॉलों पर जुट रही भीड़

हुनर हॉट में देश के लगभग सभी राज्यों से आए शिल्प उद्यमियों व उत्पादकों ने अपने स्टाल लगाए हैं। हुनर हाट का आयोजन अल्प संख्यक कार्य मंत्रालय भारत सरकार की ओर से किया गया है। इसमें देश के विभिन्न हिस्सों से करीब 300 शिल्पी कपड़े से लेकर सजावटी सामान व दैनिक उपयोग के हस्तनिर्मित उत्पाद लेकर आए हैं। एक ही स्थान पर देश की अलग-अलग लोक संस्कृति व पहनावे के आदान प्रदान की यह झलक प्रयागराज ही नहीं बल्कि आसपास जिलों के निवासियों के लिए भी उम्दा अवसर है। असम के गुवाहाटी का हैंडलूम, जिसमें रैपर्ड राउंड (लुंगी), जेंट्स स्टॉल, कुर्ती को अन्य राज्यों के परिवेश को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। शिल्पकार मिताली बरुवाह (गुवाहाटी) कहती हैं कि पहली बार यहां स्टाल लगाया है। वहीं राजस्थान के टोंग जिले से आए अब्दुल वहीद ने विंटर स्लीपर, लेटर बॉक्स, डोर मैट आदि को प्रदर्शित कर शहर वासियों को नया लुक दिया है।

सेल्‍फी लेने का भी क्रेज

एनसीजेडसीसी में लगे हुनर हॉट में खाने-पीने के आइटमों के साथ विभिन्‍न राज्‍यों के शिल्‍प उत्‍पाद भी हैं। हुनर हॉट में भीड़ भी लग रही है। पिकनिक की तरह लोग एंज्‍वाय कर रहे हैं। वहीं सेल्‍फी लेने का भी क्रेज है। लोग स्‍टालों के आसपास सेल्‍फी लेकर यादें संजो रहे हैं।

 

देश भर के उत्‍पाद लोगों को लुभा रहे

पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उप्र, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, गुजरात,तमिलनाडु, जम्मू कश्मीर और उड़ीसा से भी विभिन्न नए-नए उत्पाद लेकर शिल्पियों की यहां मौजूदगी है। आंध्र प्रदेश की कलमकारी और मंगलगिरी, असम के जूट से बने उत्पाद, बिहार की मधुबनी चित्रकारी, गुजरात का अजरख, बंधेज मड वर्क, तांबे की कलाकृतियां, हिमाचल प्रदेश की लकड़ी से बने उत्पाद, पुडुचेरी की मोतियों से बने उत्पाद भी लोगों को लुभा रहे हैं।

 

Posted By: Brijesh Srivastava

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