जेएनएन, लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने राष्ट्रीयकृत बैंकों के महाप्रबंधकों को बैंकों से जुड़े साइबर क्राइम मामलों में पुलिस जांच में सहयोग करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रीयकृत बैंकों के महाप्रबंधक अपने-अपने बैंकों के अधिकारियों को पुलिस के साथ समुचित सहयोग करने का दिशा निर्देश जारी करें। यह आदेश जस्टिस एआर मसूदी की बेंच ने शुभम चौहान व एक अन्य की जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद पारित किया।

बैंक कोई सहयोग नहीं करते

मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया कि अभियुक्तगण एटीम कार्डों का क्लोन बनाकर लोगों के खातों से पैसे निकाल लेते थे। पुलिस ने जब उन्हें गिरफ्तार किया तो उनके पास से 25-30 एटीएम कार्ड बरामद किए गए। अभियुक्तों से ही पुलिस को जानकारी मिली कि एक कार्ड से अब तक 50 हजार से अधिक रकम निकाल चुके हैं, जिसके बाद पुलिस ने संबंधित बैंक से सम्पर्क कर बरामद किए गए कार्डों के बावत और जानकारी मांगी लेकिन, बैंक की ओर से पुलिस जांच में कोई सहयोग नहीं किया गया।

आधारों पर चार्जशीट फाइल करनी पड़ती

राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि बैंकों द्वारा सहयोग न करने की वजह से पुलिस जितने तथ्य व साक्ष्य जुटा पाती है, उन्हीं आधारों पर चार्जशीट फाइल करनी पड़ती है। यह भी कहा गया कि यदि बैंकों की ओर से पर्याप्त सहयोग मिले तो ऐसे मामलों की जांच प्रभावी ढंग से हो सकती है। इस पर कोर्ट ने कहा कि प्रभावी जांच के लिए यह आवश्यक है कि बैंक अधिकारी पुलिस को जांच के लिए आवश्यक जानकारी जल्द से जल्द मुहैया कराएं।

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