प्रयागराज, विधि संवाददाता। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज के झूंसी इलाके में लोकोपयोगी 13.875 हेक्टेयर रेलवे की जमीन पर अवैध अतिक्रमण मामले में कड़े कदम उठाने का निर्देश दिया है। हाई कोर्ट ने कहा है कि रेलवे तत्काल अवैध कब्जेधारियों को तीन हफ्ते में जमीन खाली करने की नोटिस जारी करें। यदि तय समय में रेलवे की जमीन खाली नहीं की जाती तो पुलिस बल की सहायता से बलपूर्वक जमीन खाली कराये। और अतिक्रमण कर बने अवैध निर्माण को ध्वस्त किया जाय। कोर्ट ने पुलिस अधिकारियों को रेलवे प्रशासन को कब्जा हटाने में पुलिस सहायता उपलब्ध कराने का भी आदेश दिया है।

दोषी अधिकारियों के खिलाफ भी लिया जाए एक्शन

हाई कोर्ट ने कहा है कि रेलवे की जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ सिविल व आपराधिक कार्यवाही भी की जाय। साथ ही रेलवे ,जिला प्रशासन व राज्य सरकार अवैध कब्जा करने देने वाले दोषी अधिकारियों व लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया है।

कोर्ट ने रेलवे को अपनी जमीन के सीमांकन की जांच कर रजिस्टर बनाने के लिए कहा। हिदायत दी कि देखें आगे अतिक्रमण नहीं होने पाए। कोर्ट ने उम्मीद जताई है कि रेलवे अतिक्रमण हटा देगी और किसी को इसके लिए कोर्ट आना नहीं पड़ेगा।

यह आदेश न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर तथा न्यायमूर्ति आशुतोष श्रीवास्तव की खंडपीठ ने अनूप कुमार मिश्र की याचिका को जनहित याचिका में परिवर्तित करते हुए दिया है।

याची का कहना था कि रेलवे की जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया गया है। अधिकारी उन्हें बेदखल नहीं कर रहे हैं। जिसके कारण विकास बाधित होगा और जनता को बेहतर सुविधाएं मुहैया नहीं कराई जा सकेगी। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के अतिक्रमण हटाने के फैसलों पर विचार करने के बाद सख्त आदेश जारी किया है।

Edited By: Ankur Tripathi