प्रयागराज, विधि संवाददाता। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की सोमवार को आयोजित आमसभा में मारपीट और जबरदस्त हंगामा होने से अफरातफरी का माहौल बना रहा। बैठक शुरू होते ही बिजली कट गई और सभा स्थल पर पहले से जमे निवर्तमान पदाधिकारियों व एल्डर कमेटी के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हुई जो देखते-देखते मारपीट में तब्दील हो गई । बिजली बवाल थमने के बाद ही आई। शोरगुल के बीच एल्डर कमेटी ने कुछ प्रस्ताव पारित किए तो निवर्तमान कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने भी कुछ प्रस्ताव पारित किए।

प्रस्ताव पारित कर एक-दूसरे की सदस्यता कर दी समाप्त

एल्डर कमेटी की ओर से पारित प्रस्ताव में निवर्तमान कार्यकारिणी के अध्यक्ष व महासचिव समेत छह लोगों की सदस्यता समाप्त कर दी गई। साथ ही इनके खिलाफ एफआइआऱ दर्ज कराने का भी निर्णय लिया गया। वहीं दूसरी ओर निवर्तमान कार्यकारिणी ने भी प्रस्ताव पारित कर एल्डर कमेटी के सदस्यों की प्राथमिक सदस्यता समाप्त करने की घोषणा कर दी।

सभा स्थल पर निर्वतमान पदाधिकारी पहले से थे जमे

हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के चुनाव को लेकर कोर्ट के निर्देश पर सोमवार को आम सभा की बैठक बुलाई गई थी। बैठक दिन में एक बजे जैसे ही शुरू हुई दोनों पक्ष बैठक संचालित करने को लेकर आपस में भिड़ गए। देखते देखते उनके बीच मारपीट शुरू होने लगी। इस बीच लाइब्रेरी हाल की बिजली भी काट दी गई। निवर्तमान कार्यकारणी का कह ना है कि एल्डर कमेटी ने बिना अधिकार के उनके काम में हस्तक्षेप किया और उनको आम सभा आयोजित करने से रोका जबकि एल्डर कमेटी का कहना है कि कार्यकारिणी का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। कोर्ट के निर्देश पर उन्होंने बैठक बुलाई थी। एल्डर कमेटी के चेयरमैन शशि प्रकाश सिंह, एनसी राजवंशी, टीपी सिंह और अनिल तिवारी बैठक में पहुंचे तो निवर्तमान अध्यक्ष अमरेंद्र नाथ सिंह, महासचिव प्रभा शंकर मिश्र, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जमील अहमद आजमी, कोषाध्यक्ष दुर्गेश चंद्र तिवारी व अन्य लोग पहले से ही सभास्थल पर कब्जा जमाए बैठे थे और कमेटी को बैठक करने से रोका।

वकालत का लाइसेंस समाप्त करने को लिखा जाएगा

एल्डर कमेटी ने प्रस्ताव पारित किया कि हाईकोर्ट बार एसोसिएशन का चुनाव निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार एक दिसंबर को ही कराया जाएगा। साथ ही बैठक का विरोध करने और मारपीट करने के लिए निवर्तमान अध्यक्ष अमरेंद्र नाथ सिंह, महासचिव प्रभा शंकर मिश्र, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जमील अहमद आज़मी, कोषाध्यक्ष दुर्गेश चंद्र तिवारी, कृष्ण पांडे और राहुल की प्राथमिक सदस्यता समाप्त कर दी गई है। साथ ही इनका वकालत का पंजीकरण निलंबित करने के लिए बार काउंसिल को लिखा जाएगा और इन सभी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्णय लिया गया है। साथ ही कोर्ट के आदेश पर हो रही बैठक में अवरोध उत्पन्न करने के लिए इन सभी के विरुद्ध अदालत में अवमानना का केस लाया जाएगा।

अगस्त 2019 के बाद के सभी फैसले रद

इसके अलावा एल्डर कमेटी ने पश्चिमी बेंच को लेकर एक मंत्री द्वारा दिए गए बयान का विरोध करने के लिए कमेटी की निगरानी में पूर्व अध्यक्षों व महा सचिवों की संघर्ष समिति गठित करने का भी प्रस्ताव पारित गया किया। एल्डर कमेटी ने 4 अगस्त 2019 के बाद निवर्तमान कार्यकारिणी द्वारा लिए गए सभी निर्णयों को रद्द कर दिया है तथा वकीलों के लंबित चिकित्सकीय व आर्थिक सहायता का मुद्दा आगामी निर्वाचित कार्यकारिणी पर छोड़ दिया गया है।

निवर्तमान कार्यकारणी ने भी पारित किया प्रस्ताव

दूसरी ओर निवर्तमान कार्यकारिणी की ओर से महासचिव प्रभा शंकर मिश्र ने अपने कार्यकाल का वार्षिक आय-व्यय का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया तथा प्रस्ताव पारित किया। एल्डर कमेटी के चेयरमैन शशि प्रकाश सिंह जो अवध बार एसोसिएशन के सदस्य हैं इसलिए निवर्तमान कार्यकारिणी उनको एल्डर कमेटी का चेयरमैन नहीं मानेगी। प्रभा शंकर का आरोप है कि लखनऊ में शिक्षा अधिकरण की बेंच बनाने संबंधी विधिक सलाह शशि प्रकाश सिंह ने ही दी थी जिसके विरोध में इलाहाबाद हाईकोर्ट के वकील लंबे समय तक हड़ताल पर रहे थे। निवर्तमान कार्यकारिणी ने यह प्रस्ताव 500 अधिवक्ताओं के हस्ताक्षर युक्त पत्र मिलने के आधार पर पारित करने का दावा किया है। इसके साथ ही निवर्तमान कार्यकारिणी ने एल्डर कमेटी के सभी सदस्यों की प्राथमिक सदस्यता निलंबित करने का प्रस्ताव भी पारित किया है। तय किया गया है कि यह प्रस्ताव 15 नवंबर को हाई कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत किया जाएगा।

आम सभा की बैठक के दौरान हंगामा होना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। एल्डर कमेटी ने निर्वाचित कार्यकारिणी को बजट प्रस्तुत करने से रोका जो कि उसका अधिकार है।

अमरेंद्र नाथ सिंह, अध्यक्ष, निवर्तमान कार्यकारिणी

जेई के खिलाफ कार्रवाई के लिए महानिबंधक को पत्र

हाईकोर्ट के आदेश पर आहूत बार एसोसिएशन की वार्षिक आम सभा जैसे ही शुरू हुई, बिजली कट गई। सभा खत्म होते ही लगभग 20 मिनट बाद बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। एल्डर कमेटी ने इसे गंभीरता से लिया है और निवर्तमान पदाधिकारियों की शह पर बिजली कटौती करने वाले पीडब्ल्यूडी और बिजली विभाग के जेई संतोष चंद्र के खिलाफ स्पष्टीकरण लेकर कार्रवाई करने की मांग की है। एल्डर कमेटी ने महानिबंधक को लिखे पत्र की प्रति मुख्य न्यायाधीश व वरिष्ठ न्यायमूर्ति को भेजी है। कमेटी ने महानिबंधक से कहा है कि यदि ऐसे ही बिजली काटी गई तो चुनाव कराना दुश्वार हो जायेगा। इसकी जानकारी कोर्ट को भी 15 नवंबर के सुनवाई के दिन दी जाएगी। एल्डर कमेटी ने कहा कि कोर्ट ने वार्षिक आम सभा की तिथि तय की है जिसमें पूर्व पदाधिकारियों ने व्यवधान उत्पन्न किया। चार पदाधिकारियों के खिलाफ आम सभा ने अनुशासनात्मक कार्रवाई का निर्णय लिया है।

Edited By: Ankur Tripathi