प्रयागराज, विधि संवाददाता। 10 जून को प्रयागराज में जुमे की नमाज के बाद अटाला इलाके में हुई हिंसा के मास्टर माइंड जावेद मोहम्मद उर्फ जावेद पंप की पत्नी परवीन फातिमा की ओर से मकान के अवैध ध्वस्तीकरण को लेकर दाखिल की गई याचिका की सुनवाई सोमवार को नहीं हो सकी। याचिका की सुनवाई कर रही इलाहाबाद हाई कोर्ट की न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल और न्यायमूर्ति विक्रम डी. चौहान की खंडपीठ ने याचिका को सुनवाई के लिए मंगलवार 28 जून को अन्य नामित पीठ के समक्ष पेश करने का निर्देश दिया है।

न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल ने स्वयं को व्यक्तिगत कारण से सुनवाई से कर लिया अलग

पीडीए की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता रविकांत के बहस करने की जानकारी मिलने के बाद न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल ने स्वयं को व्यक्तिगत कारण से सुनवाई से अलग कर लिया। इस मामले के अनुसार याची ने पीडीए द्वारा बिना कानूनी प्रक्रिया का पालन किए उसके मकान को ध्वस्त करने की वैधता को चुनौती दी है।

नमाज के बाद बवाल के तीसरे रोज पीडीए ने ढहाया था करेली में मकान

जुमे की नमाज के बाद मस्जिदों से निकली भीड़ ने अटाला सहित कुछ इलाकों में पथराव व तोड़फोड़ किया। इसे पुलिस ने साजिश करार देते हुए मास्टरमाइंड जावेद मोहम्मद उर्फ जावेद पंप को गिरफ्तार किया। इसके बाद उसके अवैध भवन को ध्वस्त कर दिया गया। याची का कहना है कि भवन उसके नाम है, जावेद पंप का भवन नहीं है। पीडीए की ध्वस्तीकरण कार्रवाई अवैध है। उल्लेखनीय है कि कानपुर में बवाल के दूसरे ही जुमे को प्रयागराज के अटाला में भी वैसा ही उपद्रव हुआ था जिसके बाद शासन ने सख्त रूख अपनाया। हालांकि पीडीए ने यह भी साफ किया है कि जावेद को इस प्रकरण से लंबे समय पहले ही नोटिस दिया गया था।

Edited By: Ankur Tripathi