प्रयागराज, जेएनएन। ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों को सांप दिखाकर पैसे वसूलने वाले चार सपेरों को को अब जेल की सलाखों के पीछे रहना होगा। आरपीएएफ ने उन्हें पकड़कर जेल भेज दिया है। उनके पिटारे में बंद आधा दर्जन सांपों को आजाद कराकर जंगल में छोड़ दिया गया। मामला प्रतापगढ़ जनपद का है।

देहरादून जा रही जनता एक्सप्रेस ट्रेन में हुई थी घटना

सपेरे ट्रेनों में सफर के दौरान सांप दिखाकर यात्रियों से पैसे मांगते हैं। लोग आस्था के चलते कुछ पैसे दे देते हैं। जो लोग पैसे देने में असमर्थता जताते हैं, उन्हें कई सपेरे सांप का भय भी दिखाने से बाज नहीं आते। इसी क्रम में देहरादून जा रही जनता एक्सप्रेस ट्रेन में भी 15 जुलाई को ऐसा ही हुआ था। कोच में चढ़ा एक सपेरा पैसा न देने वाले यात्रियों के गले में जबरन सर्प डाल देता था। उसकी इस हरकत से लोग डर गए। महिलाएं और बच्चे डर के कारण चिल्लाने लगे और इधर-उधर भागने लगे। रेल प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया।

इंटरसिटी ट्रेन में आरपीएफ ने छापा मार सपेरों को पकड़ा

इंस्पेक्टर आरपीएफ प्रतापगढ़ शैलेंद्र सिंह ने अभियान चलाया। टीम के साथ ट्रेनों में छापेमारी शुरू हुई। रविवार को इंटरसिटी ट्रेन में छापा मारा गया तो चार सपेरे कोबरा दिखाते मिल गए। इनको पकड़कर थाने लाया गया। इंस्पेक्टर शैलेंद्र ङ्क्षसह ने बताया कि पकड़े गए सपेरे रायबरेली के हैं। सांप का भय दिखाकर पैसे मांग रहे हैं, ऐसी शिकायत मिली थी। डिब्बे में चार सपेरे ऐसा करते हुए पकड़े गए हैं। उनके खिलाफ रेलवे एक्ट की धारा 144 के तहत कार्रवाई कर जेल भेज दिया गया। सांपों को जंगल में छोड़ा गया। यात्रियों से अपेक्षा है कि वह इसकी सूचना आरपीएफ को जरूर दें।

थाने में भागा घोड़ापछाड़, मची अफरा-तफरी

जांच के दौरान पिटारे में छह सांप मिले। एक सांप घोड़ापछाड़ भाग निकला। थाने में अफरा-तफरी मच गई। किसी तरह सपेरे ने उसे काबू में किया। वन विभाग से बात करने के बाद सांपों को चिलबिला के जंगल में छोड़ा गया।

 

Posted By: Brijesh Srivastava