कुंभनगर : अरसे से लोगों की मांग थी कि सूबे की सरकार साल में कम से कम एक दिन प्रयाग में बैठे। इसको लेकर स्थानीय नेताओं से लेकर आला अधिकारियों तक के समक्ष मुद्दा उठता रहा था, लेकिन उस पर कोई अमल नहीं हो पाया। जनभावना के ज्वार के साथ पिछले दिनों दैनिक जागरण भी जुड़ा और पुरजोर ढंग से उनकी मांग को उठाया।

 दैनिक जागरण ने व्यापक स्तर पर समाचारीय अभियान छेड़कर मांग को लखनऊ तक पहुंचाया। यह जागरण की कोशिश और लोगों की प्रबल इच्छा ही थी कि सरकार मंगलवार को प्रयागराज की धरती पर उतरी। मुख्यमंत्री ने न केवल कुंभ में कैबिनेट बैठाने का वादा पूरा किया बल्कि लखनऊ से बाहर तमाम बड़े फैसले करके इतिहास भी रच दिया।

दैनिक जागरण ने 'फिर एक दिन प्रयागराज में बैठे सरकार' अभियान चलाया

कुंभनगर आयोजन की तैयारियों के साथ ही हर किसी के मन में सवाल कौंध रहा था कि आखिर प्रयागवासियों की बरसों पुरानी मांग पर सरकार क्या रुख अपनाएगी। अलग-अलग मांग जोर पकड़ रही थी लेकिन, आधार के लिए जमीन तैयार नहीं थी। ऐसे में सरोकारीय पत्रकारिता की मिसाल रहे दैनिक जागरण ने जनभावनाओं का अगुआ बनने का फैसला किया। तीन जनवरी से 'फिर एक दिन प्रयागराज में बैठे सरकार' अभियान शुरू किया।

...और सरकार तक पहुंच गई मुहिम की गूंज

आगाज के बाद लोगों को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ा। महज दस दिन के भीतर सूबे की सरकार तक प्रयागवासियों की मांग गूंज गई। दिव्य और भव्य कुंभ की नींव रखने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मांग स्वीकार कर ली। घोषणा के महज एक सप्ताह के भीतर योगी पूरी सरकार के साथ प्रयागराज मंगलवार को पहुंच गए। वास्तव में यह महज बैठक नहीं थी। प्रयागराज वासियों का सम्मान था, जागरण का प्रभाव था...।

 

Posted By: Brijesh Srivastava

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