प्रयागराज, जेएनएन। अल्लापुर में दस दिन पहले संजय नगर झोपड़पïट्टी में पांच साल के मासूम दीपक के कत्ल की गुत्थी ऐसी उलझी है कि पुलिस भी नहीं सुलझा पा रही है। पुलिस ने बाबा पर ही कत्ल का शक किया तो पीडि़त दंपती ने डीआइजी से मिलकर शिकायत की। डीआइजी ने एसएसपी को निष्पक्ष जांच के लिए कहा है।

सात नवंबर की शाम घर के बाहर खेलने निकला था दीपक

संजय नगर झोपड़ पट्टी निवासी सियाराम रामबाग स्थित एक फर्म में काम करता है। उसके दो बेटों में बड़ा पांच वर्षीय दीपक सात नवंबर की शाम घर के बाहर खेलने निकला था। देर शाम बगल के हरिश्चंद्र के घर के अहाते में वह घायल पड़ा मिला। उसकी गर्दन रेती गई थी। सिर पर भी चोट थी। दूसरे रोज निजी अस्पताल में उसकी मौत हो गई। बच्चे के कत्ल की जांच कर रही पुलिस ने उसके बाबा पर ही शक जताया जो बरसों से मानसिक रोग से पीडि़त हैं। हिंसक होने की वजह से उन्हें घर में चेन से बांधकर रखना पड़ रहा है। पुलिस ने संदेह जताया कि  शाम को चेन से खुलने के बाद बाबा ने ही खेलने निकले दीपक पर हमला कर दिया था। मगर परिवार के लोग इसे गलत ठहरा रहे हैं।

माता-पिता का आरोप कि पुलिस असली कातिल को बचा रही

बच्चे के माता-पिता ने शुक्रवार को पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण सिंह के साथ डीआइजी केपी सिंह से मिलकर गुहार लगाई थी कि पुलिस असली कातिल को पकडऩे की बजाय बाबा को ही फंसा रही है। उन्होंने कहा कि पड़ोसी हरिश्चंद्र ने ही पुरानी खुन्नस की वजह से टॉफी खिलाने के बहाने घर बुलाकर गला रेतने के बाद बाहर फेंका था। डीआइजी ने एसएसपी को लिखित और फोन पर निर्देश दिया कि गहराई से जांच कराएं, ताकि कोई निर्दोष न फंसे।

पुलिस को सौंपी दो वीडियो क्लिप

माता-पिता ने डीआइजी को दो वीडियो क्लिप भी दिखाई जिसके बारे में उनका दावा है कि पड़ोसी की बेटी और भतीजी खुद बता रही है कि किस तरह से बच्चे को घर ले जाकर मारने के बाद बाहर फेंक दिया गया था। सीओ सत्येंद्र तिवारी का कहना है कि पहले तो घरवालों ने कुछ नहीं कहा था। पागल कुत्ता काटने की बात भी आई थी मगर अब आरोप लगा रहे हैं।

Posted By: Brijesh Srivastava

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