जासं, इलाहाबाद : गंगा और यमुना खतरे के निशान के और करीब पहुंच गई हैं। सोमवार को 12 घंटे में गंगा का जलस्तर 44 सेंटीमीटर और बढ़कर 82.28 मीटर तक पहुंच गया। यह खतरे के निशान से 2.45 मीटर कम है। यमुना के जलस्तर में भी पिछले 12 घंटों में 44 सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी हुई है। यमुना का जलस्तर 82.06 मीटर तक पहुंच गया है।

छतनाग में गंगा और यमुना के संयुक्त जलस्तर में 47 सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी हुई है। लगातार बढ़ रहे पानी ने कछारी क्षेत्रों में सैकड़ों नए घरों को अपनी जद में ले लिया है। फिलहाल अभी जलस्तर में कमी के आसार नहीं हैं। उधर, झूंसी-गारापुर मार्ग गंगा का पानी बढ़ने से डूब गया है। मार्ग के ऊपर करीब एक फीट पानी आ गया है। इससे दर्जन भर गांवों का संपर्क मुख्य मार्ग से टूट गया है।

लगातार बढ़ रहे पानी से शहर में बाढ़ का खतरा और गंभीर हो गया है। उत्तराखंड में बारिश और कई बांधों से छोड़े गए हजारों क्यूसेक पानी के पहुंचने के कारण गंगा और यमुना के जलस्तर में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। स्थिति यह है कि हर चार घंटे में गंगा 15 सेंटीमीटर बढ़ जा रही हैं।

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शनिवार से नदियों के जलस्तर में आई तेजी :

वैसे गंगा और यमुना में शनिवार से तेजी आई थी। रविवार को जलस्तर और तेजी से बढ़ने लगा। रविवार को आठ घंटों में 32 सेंटीमीटर पानी बढ़ गया है। सोमवार को यह बढ़ोत्तरी 44 सेंटीमीटर तक पहुंच गई है।

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झूंसी-गारापुर मार्ग पार कर गया बाढ़ का पानी

सोमवार की सुबह झूंसी-गारापुर मार्ग को बाढ़ के पानी ने पार कर लिया। इससे उस मार्ग से शहर आने जाने वालों का सम्पर्क टूट गया। ग्रामीणों को दिक्कत न हो इसके लिए सुबह से ही प्रशासन की ओर से तीन मझोली नावों को लगा दिया गया है। जिससे लोग सोनौटी से झूंसी आ सकें।

गंगा के निरंतर बढ़ते जलस्तर ने बदरा, सोनौटी, ढोलबजवा, बहादुरपुर कछार, गजिया, इब्राहिमपुर, हेतापट्टी व अन्य गांवों के लोगों की ¨चता बढ़ा दी है। तेजी से बढ़ते पानी को देखते हुए इन गावों के लोगों ने एक बार फिर से सुरक्षित आशियाने की खोज में जुट गये हैं। सोनौटी गांव के पूर्व प्रधान रामलखन यादव का कहना है कि दो चार साल बाद बाढ़ की विकरालता से लोगों की ¨चता बढ़ जाती है। इसके लिए कई बार प्रशासन से मांग की गयी कि इस मार्ग पर एक बंधा व पुलिया बना दिया जाय, जिससे बाढ़ के दिनों की फजीहत से बचा जा सके। हेतापट्टी के असलम का कहना है कि झूंसी-गारापुर शहर के लिए शार्टकट रास्ता होने के कारण दर्जनों गांव के लोग इस मार्ग से गुजरते हैं। बाढ़ के दिनों में राहगीरों की परेशानी बढ़ जाती है। बहादुरपुर कछार निवासी इजहार का कहना है कि मार्ग पर पानी भर जाने से सबसें परेशानी मरीजों व स्कूली बच्चों को होती है। उन्हें समय से उचार नहीं मिल पाता तो बच्चों की पढ़ाई खराब होती है। फिलहाल प्रशासन ने बाढ़ को देखते हुए तीन मझोली नावों की प्रबंध कर दी है। बाढ़ की विकरालता व लोगों की मांग पर बड़ी बोटें लगाई जाएंगी।

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कई मुहल्लों में घुसा बाढ़ का पानी, पलायन शुरू :

इसी तरह जारी रही जलस्तर में वृद्धि तो स्थिति होगी और भयावह

जागरण संवाददाता,इलाहाबाद: गंगा और यमुना के जलस्तर में सोमवार को भी वृद्धि जारी रही। तेजी से बढ़ते जलस्तर के कारण कछारी क्षेत्र के आधा दर्जन से ज्यादा मुहल्लों में पानी घुस गया। सैकड़ों घरों में तीन-चार फीट तक पानी भर जाने से लोगों को पलायन करना पड़ा। कुछ लोग नाव के सहारे अपने सामानों को बाहर निकाला तो बहुतों ने परिजनों की मदद से सुरक्षित स्थान पर सामानों को पहुंचाया। हालांकि, जिन लोगों के मकान दो अथवा तीन मंजिला बने हैं, उन्होंने सामानों को ऊपरी हिस्से पर शिफ्ट कर लिया। गंगा, यमुना के जलस्तर में अचानक तेजी से वृद्धि शुरू हुई। सोमवार को इसमें और तेजी से इजाफा हुआ। जलस्तर में वृद्धि से दारागंज में दशाश्वमेध घाट, सब्जी मंडी, बक्शी बांध और नागवासुकि मंदिर के नीचे के हिस्से में सभी झोपड़ियां डूब गई और दर्जनों घरों में पानी भर गया। छोटा बघाड़ा, ढरहरिया, शिवकुटी, शंकरघाट, नारायण आश्रम, रसूलाबाद, गऊघाट जोधवल गांव में छुआरा मंदिर और पीतांबर नगर के निचले इलाकों में घरों में पानी घुस गया है। वहीं, चांदपुर, सलोरी, कैलाशपुरी, ओम गायत्री नगर, बेली कछार, गंगा नगर, नेवादा, ऊंचवागढ़ी, बेली कालोनी, राजापुर, बड़ा बघाड़ा, म्योराबाद, नया पुरवा, बलुआघाट, सदियापुर, दरियाबाद, करैलाबाग और धूमनगंज क्षेत्र के कई कछारी मुहल्लों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। इससे इन मुहल्लों के लोगों में भी दहशत फैल गई है। जलस्तर में वृद्धि की यही स्थिति रही तो एक-दो दिनों में स्थिति और भयावह होगी।

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जलीय विषैले जंतुओं का खतरा

जिन मुहल्लों में पानी घुस गया है, वहां सांप, बिच्छुओं का भी खतरा बढ़ गया है। लोग इससे भी भयभीत हैं कि रात में सोते वक्त उनके घरों में कहीं सांप और बिच्छू जैसे जहरीले जंतु न घुस आएं और किसी को काट न लें।

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एनडीआरएफ की टीम ने लिया जायजा

एनडीआरएफ की टीम ने सोमवार को दारागंज, छोटा बघाड़ा, ढरहरिया, सलोरी, तेलियरगंज आदि क्षेत्रों का जायजा लिया। टीम ने इन इलाकों में रेकी कर यह जानने की कोशिश की, कि कहां ज्यादा तेजी से पानी घुस रहा है। ताकि हालात बिगड़ने पर समंवय बनाकर लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके। टीम की अगुवाई कर रहे इंस्पेक्टर अब्दुल्ला खां ने बताया कि बांध स्थित बाढ़ प्रखंड कार्यालय में जाकर अधिकारियों से भी स्थिति की जानकारी ली गई।

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अलर्ट जारी पर खतरा अभी दूर :

गंगा और यमुना बढ़ रही हैं। 83.7 मीटर खतरे का निशान तय किया गया है पर अभी यहां से गंगा यमुना दो मीटर से भी ज्यादा दूर हैं। बाढ़ के पानी के कारण अभी पलायन जैसी कोई स्थिति नहीं बनी है।

-सुहास एलवाई, जिलाधिकारी, इलाहाबाद

Posted By: Jagran