प्रयागराज, जेएनएन। यमुनापार के मेजा इलाके में एक नवंबर की रात में ओम प्रसाद मिश्रा की हत्या और लूट के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपित समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। उनसे लूटी गई नगदी समेत अन्य सामान और हथियार बरामद हुआ। दोस्तों ने लूट के लिए कत्ल कर दिया था।

मेजा के कठौली जंगल में गला घोंटकर ओम प्रसाद को जान से मार दिया था

मेजा के समहन गांव के ओम प्रसाद मिश्रा (55) की गला घोंटकर हत्या एक नवंबर की रात कठौली जंगल में की गई थी। बेटों ने पांच लाख रुपये लूटने का शक जताया था। इसमें सुनील मिश्रा समेत चार लोगों पर मुकदमा लिखाया गया था। पुलिस की छानबीन में सुनील के अलावा बाकी तीन पिता-पुत्र बेकसूर निकले। सुनील से पूछताछ के बाद समहन गांव के ही मोहित मिश्रा को पकड़ा गया। उन दोनों से पुलिस ने ओम प्रसाद से लूटा गया बैग, 60 हजार रुपये, चेकबुक, पासबुक, मोबाइल फोन तथा एक तमंचा बरामद किया।

ओम प्रसाद हर वक्त अपने बैग में रुपये रखता था

एसपी यमुनापार दीपेंद्र नाथ चौधरी के मुताबिक गिरफ्तार सुनील मिश्रा और ओम प्रसाद के बीच पहले गहरी दोस्ती रही है। ओम मुंबई में नौकरी करता था। वहीं से कुछ महीने पहले घर आया था। वह दोनों साथ गांजे का नशा करते थे। ओम प्रसाद ने कुछ समय पहले जमीन बेची थी। रुपये हर वक्त वह बैग में अपने पास रखता था। यहां तक कि घर से निकलते समय भी बैग को हरदम साथ लेकर जाता था। सुनील ने इन पैसों को लूटने के इरादे से दोस्त के कत्ल की साजिश रची। कत्ल में विनोद पांडेय और उसका किराएदार लाला की भी तलाश है।

ट्रेन में बैठाने के बहाने ले गए थे साथ

ओम प्रसाद ने दो-तीन दिन पहले साथियों से कहा था कि वह मुंबई लौटना चाहता है। एक नवंबर की रात सुनील समेत अन्य उसे मुंबई की ट्रेन में बैठाने के बहाने पहले रामलीला दिखाने ले गए थे। ओम प्रसाद ने नगदी भरा बैग अपने साथ ही रखा था। आधी रात उन्हें कठौली जंगल में गांजा का नशा करने के बहाने ले जाकर गमछे से गला घोंटकर हत्या कर दी गई। आरोपितों का कहना है कि बैग में एक लाख 30 हजार रुपये थे। बाकी रकम फरार विनोद और लाला के पास है।

 

Posted By: Brijesh Srivastava

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