प्रयागराज, जेएनएन। अब करदाताओं को आयकर संबंधी किसी भी समस्या के समाधान के लिए चार्टर्ड एकाउंटेंट (सीए) और अधिवक्ताओं के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। वह अपनी समस्या संबंधी ब्योरे को डिजाइन किए गए फार्म पर भरकर ट्विटर अथवा ई-मेल के जरिए आयकर विभाग में ऑनलाइन जमा कर दें। उनके सवालों का मुफ्त जवाब आयकर विशेषज्ञ 48 घंटे में फोन करके देंगे।

सीबीडीटी के निर्देश पर व्यवस्था शुरू हो गई है

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के निर्देश पर यह व्यवस्था शुरू हो गई है। दरअसल, सीए और अधिवक्ताओं से सलाह लेने पर करदाताओं को फीस अदा करनी पड़ती है। कई बार आयकर जमा करने की अंतिम तिथि अथवा काम की अधिकता के कारण वह जरूरत पर अपने क्लाइंट को समय भी नहीं दे पाते हैं। जबकि बहुत से करदाता बड़े सलाहकारों तक आर्थिक कारणों से पहुंच भी नहीं पाते हैं। वहीं, आयकर नियमों में आए दिन बदलाव भी हो रहे हैं। लिहाजा, हर सीए और अधिवक्ता को इसकी अद्यतन जानकारी हो, यह जरूरी भी नहीं है। ऐसे में समय से करदाताओं की समस्याओं का निराकरण नहीं हो पाता था। इसके मद्देनजर करदाताओं की सहूलियत के लिए यह व्यवस्था अक्टूबर से शुरू कर दी गई है।

करदाता को यह करना होगा

करदाता को फार्म पर सवालों के अलावा अपना नाम, पैन नंबर, मूल्यांकन वर्ष, फोन नंबर और ई-मेल नंबर भरकर ऑनलाइन भेजना होगा। करदाताओं के सवालों का जवाब देने के लिए विशेषज्ञों की टीम बनाई गई है, जो 48 घंटे के अंदर संबंधित करदाता के फोन नंबर पर फोन करके सवाल का जवाब देगी। यानी आयकर विशेषज्ञ करदाताओं को मुफ्त में सलाह देंगे।

बोले प्रत्यक्षकर मूल्यांकन सलाहकार

प्रत्यक्षकर मूल्यांकन सलाहकार भारत सरकार डॉ. पवन जायसवाल ने कहा कि सीबीडीटी के निर्देश पर यह व्यवस्था शुरू की गई है। करदाताओं के सवालों का जवाब 48 घंटे के अंदर विशेषज्ञ देंगे। यह व्यवस्था मुफ्त है।

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