प्रयागराज, जागरण संवाददाता। प्रतापगढ़ जनपद में मनरेगा मद में केवल आधा दर्जन ग्राम पंचायतों में ही सामग्री मद व लेबर व्यय में करीब पौने दो करोड़़ रुपये खर्च कर दिया गया। अधिक पैसा खर्च किए जाने से कार्यों की जांच शुरू हो गई है। ग्राम पंचायतों में तैनात सचिव समेत अफसर जांच के दायरे में आ गए हैं। जांच टीम यह देखेगी कि उक्त कार्य पिछले साल भी तो नहीं कराया गया था। इसके अलावा अन्य कई बिंदुओं पर भी जांच होगी। जांच को टीम आने की भनक लगते ही अफसरों, कर्मियों व प्रधानों में खलबली मच गई है। कार्रवाई से बचने के लिए हर प्रयास कर रहे हैं।

16 लाख रुपये सामग्री मद में खर्च

ग्राम पंचायतों में मनरेगा मद से चकरोड, तालाब की खोदाई, इंटरलॉकिंग आदि तरह के विकास कार्य कराए जाते हैं। विकास कार्य कराने के नाम पर बड़े पैमाने पर पैसे का गबन भी हो रहा है। जिले के कालाकांकर ब्लाक के अनंतामऊ, लाटतारा, रानीमऊ, पनिगो व ककरहिया गांव में लेबर बजट में ही करीब एक करोड़ रुपये से अधिक खर्च किया गया है। इसके अलावा इन ग्राम पंचायतों में करीब 16 लाख रुपये सामग्री मद में खर्च किया गया है।

टेक्निकल टीम से जांच की तैयारी

विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इन पांचों ग्राम पंचायतों में दोनों बजट में करीब डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए हैं। मनरेगा से सबसे अधिक पैसा व्यय करने पर इन गांवों में जांच शुरू हो गई है। अभी कुछ दिन पहले बिहार, कुंडा, लक्ष्मणपुर, संडवा चंद्रिका सहित कुछ अन्य ब्लाकों की दो दर्जन से अधिक ग्राम पंचायतों में भी मनरेगा कार्यों में गड़बड़झाला किया गया था। शिकायत आइजीआरएस पोर्टल, मुख्यमंत्री संदर्भ सहित अन्य पोर्टल पर की गई है। इस मामले में टेक्निकल टीम से जांच कराए जाने की तैयारी चल रही है।

डीसी मनरेगा बोले- फर्जीवाड़ा मामले की जांच की जा रही है

डीसी मनरेगा डा. एनएन मिश्र ने बताया कि मनरेगा में फर्जीवाड़ा करने के मामले में जांच की जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।

Edited By: Brijesh Srivastava