प्रयागराज, [अमरदीप भट्ट]। कहीं बिहार की लिट्टी-चोखा तो कहीं अवधी पकवानों की उड़ती खुशबू। पंजाब के मशहूर छोले कुल्छे और महाराष्ट्र का मसालेदार बड़ा गोली पाव। इसके अलावा केरल का शाहीतुकदा और राजस्थान का दाल-बाटी चूरमा। इन लजीज व्यंजनों को बनता देखकर ही हर किसी के मुंह में पानी आ रहा है। एनसीजेडसीसी के शिल्प हाट में एक नवंबर से लगे 'हुनर हाट' का माहौल ही कुछ ऐसा हो चला है कि शहरी वहां जाने से खुद को रोक नहीं पा रहे हैं। प्रयागराज में लंबे अरसे बाद हुए ऐसे आयोजन में लोगों को देश के सभी राज्यों की लोक संस्कृति और कलाकृतियां तथा पहनावे भी देखने और खरीदने का सुनहरा अवसर है।

एक ही स्थल पर देश भर के शिल्पकार, शेफ मौजूद हैं

हुनर हाट का आयोजन केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की ओर से किया गया है। इसमें हाट की सभी 80 स्टाल के अलावा भी दर्जनों अन्य दुकानें मैदान में लगाई गई हैं। इसमें उत्तर से लेकर दक्षिण तक और पूरब से लेकर पश्चिम तक के राज्यों से शिल्पकार, शेफ तथा संतराश अपनी कला का प्रदर्शन करने आए हैं। हाट में संगमरमर के मंदिर व इसी पत्थर से बने अन्य सामान, मध्य प्रदेश के ब्लाक प्रिंट, उप्पा छपाई, बिहार की मधुबनी चित्रकारी, गुजरात की अजरख, लखनवी चिकन, आंध्र प्रदेश की कलमकारी व मंगलगिरी, तमिलनाडु की एंब्रायडरी और चंदन से बनी कलाकृतियां, विंटर स्लीपर, असम के पारंपरिक परिधान सहित क्रॉकरी व महिलाओं के शृंगार की एक से एक सामग्री भी लोगों को लुभा रही है।

एनसीजेडसीसी में लोगों की जुट रही भीड़

हुनर हाट में लोगों की भीड़ शुरू हो रही है। गेट संख्या एक के प्रवेश द्वार से लेकर गेट संख्या तीन तक सभी दुकानों पर खूब भीड़ उमड़ रही है। महिलाओं बच्चों ने अपने हिसाब से परिधान, बैग, सजावटी सामान पसंद किया तो पुरुषों को कढ़ाईदार कुर्ता, असम के गुवाहाटी का रैपर्ड राउंड खूब भा रहा है। 

हाट में पहली बार फस्र्ट एड सुविधा

एनसीजेडसीसी में शिल्प मेले के आयोजन काफी पहले से होते आए हैं। लेकिन, इस बार अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की ओर से लगे हुनर हाट में फस्र्ट एड यानी प्राथमिक उपचार की सुविधा भी दी गई है। इसके तहत हाट के बीच में एक क्लीनिक का इंतजाम किया गया हैं जिसमें सुबह से शाम तक डाक्टरों की मौजूदगी रहती है।

 

Posted By: Brijesh Srivastava

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