प्रयागराज, जेएनएन। शहर के कीडगंज थाने की पुलिस ने एक बार फिर बच्चा चोरी कर बेचने वाले गिरोह का राजफाश किया है। इस मामले में दो महिलाओं और एक दंपती को गिरफ्तार किया  गया है। पूछताछ में पता चला कि सात माह के बच्चे को आजमगढ़ से चोरी किया गया था। 50 हजार रुपये में दंपती को बेचने की बात तय हुई थी। पुलिस ने बच्चे को चिल्ड्रेन अस्पताल भिजवाया है, वहीं उसके माता-पिता का पता लगाने के लिए आजमगढ़ पुलिस से मदद मांगी गई है।
 

शक होने पर की पूछताछ तो खुल गई पोल

कीडगंज इंस्पेक्टर रोशनलाल को जानकारी मिली कि दो महिलाएं गोद में एक बच्चे को लेकर परेड मैदान के पास मौजूद हैं। दोनों की गतिविधियां संदिग्ध हैं। खबर पाकर पुलिस टीम जब वहां पहुंची तो वहां एक महिला व एक पुरुष और मिले। दोनों ने खुद को दंपती बताया। जबकि बच्चे को गोद में लेेकर पहले से खड़ी दोनों महिलाओं ने खुद को दंपती का रिश्तेदार बताया। पुलिस को उनकी बातों पर संदेह हो गया। सभी को थाने लाया गया। यहां महिला पुलिसकर्मियों ने महिलाओं से पूछताछ शुरू की तो सच्चाई सामने आ गई।

कहां से चुराया था बच्चा, नहीं बता सकीं औरतें

बच्चे को गोद में लेने वाली दोनों महिलाओं ने बताया कि यह बच्चा उनका नहीं है। इसे उन्होंने आजमगढ़ से चोरी किया है। बच्चे को किस जगह से चोरी किया गया है, इस बारे में वह कुछ नहीं बता सकीं। कहा कि दोनों आजमगढ़ जिले की रहने वाली हैं, लेकिन काफी समय से यहां सर्कुलर रोड पर रहती हैं। पकड़े गए सुनील सोनी और उसकी पत्नी निवासी कृष्णा नगर कीडगंज के कोई संतान नहीं है। कुछ समय पहले दोनों की उनसे बातचीत हुई तो बच्चा लाकर देने की बात कही गई थी। सुनील और उनकी पत्नी ने कहा था कि उनको लड़का ही चाहिए, इसके बदले 50 हजार रुपये देंगे। रविवार को आजमगढ़ से उन्होंने सात माह के बच्चे को चोरी कर लिया था। दंपती ने बच्चे को देने के लिए परेड मैदान पर बुलाया था। इंस्पेक्टर रोशनलाल का कहना है कि बच्चे को चिल्ड्रेन अस्पताल भिजवा दिया गया है। आजमगढ़ पुलिस से बातचीत कर बच्चे के माता-पिता का पता लगाने के लिए सहयोग मांगा गया है।

Edited By: Ankur Tripathi