प्रयागराज, जेएनएन। जनपद के चार ऐसे कोरोना वायरस के संक्रमित मरीज हैं, जो स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के लिए चिंता का विषय बन गए हैं। चारों कोरोना पाजिटिव तो हैं लेकिन उनके शरीर में यह संक्रमण कैसे पहुंचा, यह नहीं पता चल पा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ही नहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन भी इसका पता लगाने में फिलहाल विफल ही रहा है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि यदि इन मरीजों की ट्रैवल या अन्य कोई हिस्ट्री नहीं है तो क्या जनपद कम्युनिटी ट्रांसमिशन स्टेज की तरफ तो नहीं बढ़ रहा है।

इन मरीजों की नहीं मिल रही ट्रैवल हिस्ट्री

जनपद में अभी तक जो भी कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं, उसमें सभी की कोई न कोई हिस्ट्री मिली है। किसी की ट्रैवल हिस्ट्री रही है या तो किसी की कांटैक्ट हिस्ट्री। पिछले सप्ताह शाहगंज के एक दंपती कोरोना पाजिटिव मिले थे। जब इनकी हिस्ट्री का पता लगाया गया तो उसमें कुछ नहीं मिला। इसी तरह जिला महिला अस्पताल की महिला सफाई कर्मचारी में भी कोरोना की पुष्टि हुई तो उसमें कोई हिस्ट्री नहीं मिली। नखासकोहना के निजी अस्पताल के संचालक कोरोना संक्रमित तो हैं लेकिन इनकी भी कोई हिस्ट्री नहीं है।

डब्ल्यूएचओ व स्वास्थ्य विभाग की सर्विलांस टीम परेशान

डब्ल्यूएचओ व स्वास्थ्य विभाग की सर्विलांस टीम ने इन मरीजों की हिस्ट्री का पता लगाने का प्रयास तो किया लेकिन कुछ पता नहीं चला। इसी तरह एक मई को लूकरगंज के रहने वाले इंजीनियर भी कोरोना पाॅजिटिव मिले थे लेकिन इनमें भी कोई हिस्ट्री नहीं थी। इस संक्रमण के चलते इंजीनियर की जान चली गई थी।

मेडिकल यूनिट ऐसे मरीजों के इलाकों में सैंपलिंग करेगी

जब इन चार मरीजों की कोई हिस्ट्री ही नहीं है तो यह भी संभावना हो सकती है कि जनपद कम्युनिटी ट्रांसमिशन स्टेज की तरफ तो नहीं बढ़ रहा है। नोडल अधिकारी कोविड-19 डा. ऋषि सहाय ने बताया कि पिछले एक सप्ताह में चार ऐसे मरीज मिले हैं जिनकी कोई हिस्ट्री ही नहीं है। इसी उद्देश्य से मोबाइल मेडिकल यूनिट बनाई गई है। इन चारों मरीजों के इलाके में अधिक से अधिक लोगों की सैंपलिंग की जा रही है और कोरोना की जांच कराई जा रही है।

Posted By: Brijesh Srivastava

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