प्रयागराज, जेएनएन। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष अमरेंद्र कुमार सिंह (52) पुत्र शिवनाथ सिंह की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। सोमवार रात राजरूपपुर स्थित मकान के एक कमरे में उनकी लाश मिली। एसएसपी समेत कई पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस करंट लगने से मौत होने की बात कह रही है। हालांकि कमरे में खून देख कुछ वकीलों ने हत्या की आशंका जताई है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर स्थिति और साफ होगी।

इन दिनों अधिवक्‍ता अमरेंद्र अकेले ही रह रहे थे

अमरेंद्र मूलरूप से बिहार के सीवान जिले के रहने वाले थे। वह पत्‍‌नी ममता सिंह, बेटी गुनगुन और बेटे कृष्णा के साथ घर में रहते थे। चर्चा है कि एक माह पहले बच्चों के साथ उनकी पत्‍‌नी अपने झूंसी स्थित मायके चली गई थी। तब से अमरेंद्र अकेले ही रह रहे थे।

टिफिन देने वाले ने घर में लाश पड़ी देखी

सोमवार रात करीब 10 बजे टिफिन वाला आशीष श्रीवास्तव पैसा लेने के लिए घर पहुंचा तो अधिवक्ता जमीन पर पड़े थे। दरवाजा भी खुला था। उसने शोर मचाया तो आसपास के लोग जुटे और पुलिस को जानकारी दी। आनन फानन कई अधिवक्ता और पुलिस वाले मौके पर पहुंचे ।

एसपी सिटी ने कहा, करंट से मौत हो सकती है

एसपी सिटी बृजेश श्रीवास्तव का कहना है कि अधिवक्ता का एक पैर बिजली के तार में फंसा था और टीवी चल रही थी। करंट से मौत हो सकती है। अधिवक्ता की साली ने बताया है कि अमरेंद्र शराब के आदी थे, जिस कारण घर में झगड़ा होता था। अधिवक्ता का विवाह 2002 में हुआ था। झगड़े के कारण पति पत्नी घर में ही अलग रहते थे। पत्‍‌नी मुहल्ले में ब्यूटी पार्लर चलाती हैं। आसपास के लोगों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने अधिवक्ता को तीन दिन पहले देखा था।

बेटा डेंगू से पीड़ित, अस्पताल में भर्ती

अधिवक्ता का बेटा कृष्णा डेंगू की चपेट में आ गया है। उसे जार्जटाउन स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सोमवार रात जब घटना की खबर मिली तो ममता व कुछ अन्य लोग अस्पताल में थे। वह भी रोते-बिलखते घर पहुंचे।

बोलो एसएसपी

एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने कहा कि प्रथम दृष्टया करंट लगने से मौत की बात सामने आ रही है। शरीर पर और किसी तरह के चोट के निशान नहीं है। परिजनों की तहरीर मिलने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Posted By: Brijesh Srivastava

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