प्रयागराज, जेएनएन। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष अमरेंद्र कुमार सिंह की मौत करंट लगने से ही हुई थी। शव का पोस्टमार्टम होने पर इसकी पुष्टि हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा गया है कि दाहिने पैर में बिजली का करंट लगा था, जिस कारण वह जमीन पर गिरे और सिर से खून बहा था। उनकी मौत से परिवार में मातम छाया हुआ है। पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद पत्नी, बच्चे व परिजन बिलखते रहे।

अदालत के आदेश पर पत्नी को हर माह छह हजार रुपये देते थे

बिहार के सिवान जिले के रहने वाले शिवनाथ सिंह मध्य प्रदेश में डिप्टी एसपी के पद से रिटायर्ड हैं। उनके तीन बेटों में अमरेंद्र दूसरे नंबर पर थे। वह 1999 में प्रयागराज आए और 2002 में राजरूपपुर में मकान बनवाकर रहने लगे थे। करीबियों ने पुलिस को बताया कि अमरेंद्र रोजाना शराब पीते थे, जिस कारण पत्नी से झगड़ा होता था। मामला पुलिस थाने और कोर्ट तक भी पहुंचा। अदालत के आदेश पर अधिवक्ता अपनी पत्नी ममता सिंह को हर माह छह हजार रुपये देते थे। मकान में दोनों लोग अलग-अलग रहते थे।

टिफिन वाला घर पहुंचा तो कमरे में अधिवक्ता की लाश मिली

जांच में पुलिस को यह भी पता चला है कि शुक्रवार को अधिवक्ता ने टिफिन वाले आशीष श्रीवास्तव को पैसा देने के लिए बुलाया था, लेकिन वह नहीं आया। शनिवार व रविवार को जब टिफिन वाले ने फोन किया तो कॉल रिसीव नहीं हुई। सोमवार रात वह घर पहुंचा तो कमरे में लाश देख दंग रह गया था। संदिग्ध दशा में मौत की खबर मिलते ही सनसनी फैल गई थी। पुलिस अधिकारी व तमाम अधिवक्ता घर पहुंच गए थे। मंगलवार दोपहर शव का पोस्टमार्टम हुआ तो मौत का कारण साफ हो गया। इसके बाद परिजन शव लेकर घर चले गए। पत्नी ममता, बेटी गुनगुन, बेटा कृष्णा लाश देख फफक पड़े। एसपी सिटी बृजेश श्रीवास्तव का कहना है कि करंट लगने से ही मौत की पुष्टि हुई है। शरीर पर कोई गहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं।

 

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