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प्रयागराज, जेएनएन। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रसंघ बहाली समेत पांच सूत्रीय मांगों के समर्थन में आंदोलनरत छात्रों की लड़ाई में अब छात्रसंघ के पूर्व पदाधिकारी भी शामिल हो गए हैं।  विश्वविद्यालय छात्रसंघ भवन पर पूर्व पदाधिकारियों एवं छात्रनेताओं ने रविवार को बैठक कर आगे की रणनीति बनाई। वहीं सोमवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति की प्रतीकात्‍मक शवयात्रा निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया।

छात्रसंघ के निवर्तमान पदाधिकारियों व छात्रों ने की नारेबाजी
इविवि छात्रसंघ के निवर्तमान पदाधिकारियों समेत छात्रों ने कुुलपति प्रोफेसर रतन लाल हांगलू की प्रतिकात्‍मक शवयात्रा निकाली। इविवि परिसर के विभिन्‍न संकायों, कुलपति कार्यालय होते हुए छात्रसंघ भवन तक शवयात्रा निकाली गई। रास्‍तेभर नारेबाजी का दौर भीचला। छात्रसंघ भवन में अंतिम संस्‍कार का रस्‍म किया गया। छात्रसंघ के निवर्तमान उपाध्‍यक्ष अखिलेश यादव ने प्रतीकात्‍मक शव का बाकायदा अंतिम संस्‍कार किया। इस दौरान दर्जनों की संख्‍या में छात्र उपस्थित रहे।
 

निर्णायक लड़ाई लडऩे की छात्र नेताओं ने बनाई रणनीति
बैठक में छात्रसंघ बहाली के आंदोलन की रणनीति तय की गई और संयुक्त रूप से इस लड़ाई को निर्णायक लड़ाई में तब्दील करने की सहमति बनी। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सतीश अग्रवाल और विनोद चंद्र दुबे ने कहा कि कई दशक बाद फिर से हम सबको इस लड़ाई को लडऩे के लिए मैदान में आना पड़ेगा। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से आह्वान किया कि दलों और विचारधाराओं से आगे बढ़कर छात्रसंघ के बैनर तले आंदोलन को व्यापक स्वरूप प्रदान करने में जुट जाएं।

छात्रसंघ बहाली के आंदोलन में हम हैं तैयार : कृष्णमूर्ति सिंह यादव
पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कृष्ण मूर्ति सिंह यादव व पूर्व उपाध्यक्ष भोला सिंह ने कहा कि छात्रसंघ बहाली के आंदोलन में हम कंधे से कंधा मिलाकर साथ चलने के लिए तैयार हैं। बैठक में पूर्व अध्यक्ष दिनेश सिंह यादव, रोहित मिश्रा, ऋचा सिंह, पूर्व उपाध्यक्ष आदिल हमजा, विक्रांत सिंह, निवर्तमान अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव, महामंत्री शिवम सिंह, उपाध्यक्ष अखिलेश यादव, सत्यम सनी व छात्रनेता अजीत विद्यायक, आनंद निक्कू, अजय सम्राट, अंकित यादव समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में मांगे पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है।

 

Posted By: Brijesh Srivastava

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