मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

प्रयागराज, जेएनएन। तीन विश्व रिकॉर्ड बनाने वाले प्रयागराज के भव्य व दिव्य कुंभ का राज्यपाल राम नाईक के साथ सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज औचपारिक समापन किया। संगम तीरे 50 दिन चले कुंभ मेले के समापन के लिए राज्यपाल और मुख्यमंत्री  प्रयागराज पहुंचे। परेड क्षेत्र स्थित गंगा पंडाल में भव्य समारोह में कुंभ को दिव्य और भव्य बनाने में मुख्य भूमिका निभाने वालों को राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया। इसमें मंत्री, अधिकारी, संत महात्मा शामिल हुए। इस मौके पर योगी ने कहा कि  कुंभ की तरह अफसर रूटीन में भी काम करें।

प्रयागराज कुंभ के समापन समारोह के सभी कार्यक्रम कुंभ क्षेत्र स्थित गंगा पंडाल में संपन्न हुए। इस दौरान अन्य कार्यक्रमों के अलावा वह अखाड़ा परिषद के पदाधिकारियों और कुंभ के प्रबंधन में लगे अधिकारियों को सम्मानित भी किया।  कुंभ कई मायनों में खास रहा। राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुंभ में स्नान तथा पूजा-अर्चना की। सर्वाधिक भीड़ प्रबंधन, सबसे बड़ी स्वच्छता मुहिम, एक साथ सर्वाधिक शटल बसों के संचलन और सामूहिक पेंटिंग अभ्यास के लिए इस कुंभ का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। 15 जनवरी मकर संक्रांति से चार मार्च तक चले दुनिया के इस सबसे बड़े धार्मिक आयोजन में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या भी रिकार्ड रही। यह पहला कुंभ रहा जिस दौरान कैबिनेट की बैठक भी वहां हुई। अपनी कैबिनेट सहित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संगम स्नान किया।

अगाध आस्था तथा धार्मिक उल्लास से सराबोर 50 दिन के दिव्य और भव्य कुंभ के समापन समारोह में सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह, नागरिक उड्डयन मंत्री नंदगोपाल गुप्त नंदी व पर्यटन मंत्री डॉ.रीता बहुगुणा जोशी भी रहे। 

कुंभ की तरह रूटीन में काम करें अफसर : योगी

दिव्य और भव्य कुंभ के सफल आयोजन से गदगद योगी आदित्यनाथ ने समापन समारोह में मंगलवार शाम को अफसरों की पीठ थपथपाई और इसे टीम भावना का परिणाम बताया। कहा कि कुंभ में शासन और प्रशासन ने खुद को साबित किया। जो असंभव लगता था, उसे संभव कर दिया। कुंभ की तरह अफसर रूटीन में भी काम करें, ताकि उत्तर प्रदेश आगे बढ़े। प्रदेश आगे बढ़ेगा तो देश की आगे बढ़ेगा। साथ ही आम जनता का स्नेह भी मिलेगा।
मेला क्षेत्र के गंगा पंडाल में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 जनवरी से शुरू होकर चार मार्च तक तक आयोजित कुंभ हमेशा याद किया जाएगा। तैयारियों की चर्चा करते हुए बताया कि करीब डेढ़ वर्ष पहले योजना बननी शुरू हुई। अफसरों ने जिस कर्मठता और ईमानदारी से इस आयोजन में भूमिका निभाई, वह एक मिसाल है। कहा कि कुंभ के दौरान मैैं लगातार अफसरों के संपर्क में रहा। रात के 12 बजे हो या फिर सुबह चार बजे, अफसरों से फोन पर जब बात हुई, उनका काम के प्रति समर्पण दिखा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में कुंभ ने देश-दुनिया में नई ऊंचाइयों को छुआ है। मेला अवधि में स्वच्छ गंगाजल उपलब्ध रहा, आगे भी स्वच्छता बनी रहेगी।
स्वच्छता और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम पर भी अफसरों की तारीफ की। कहा कि मेला क्षेत्र से लेकर शहर में कहीं भी गंदगी का नामोनिशान नहीं रहा। यह सफल प्रबंधन का ही नतीजा है। अद्र्धसैनिक बलों और पुलिस के जवानों खासकर यूपी पुलिस, जिसे बदनाम किया जाता है, उसने जिस सरल स्वभाव से कुंभ की भीड़ को नियंत्रित किया, वह काबिले तारीफ है।
वर्ष 2013 के कुंभ का उल्लेख करते हुए बताया कि उस दौरान मेला अवधि में कुल 12 करोड़ श्रद्धालु आए। अव्यवस्था के कारण मौनी अमावस्या में इलाहाबाद जंक्शन पर भगदड़ मचने से करीब तीन दर्जन श्रद्धालुओं की मौत हुई थी। 1954 के कुंभ में मौनी अमावस्या पर 40 लाख श्रद्धालु संगम पर पहुंचे थे, तब भी अव्यवस्था की वजह से भगदड़ मची थी, जिसमें करीब आठ सौ श्रद्धालुओं की मौत हुई थी। लेकिन इस बार दिन-रात की मेहनत का नतीजा रहा कि श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़ के बावजूद मेले में किसी तरह की अव्यवस्था नहीं हुई और मेला सकुशल संपन्न हुआ।

Posted By: Dharmendra Pandey

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