प्रयागराज, जेएनएन। सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों के जरिए लगातार आपत्तिजनक धार्मिक टिप्पणी और फैलाई जा रही अफवाह को देखते हुए विदेशी छात्रों की निगहबानी भी शुरू कर दी गई है। फेसबुक, ट्विटर, इंस्ट्राग्राम, वाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर एक्टिव विदेशी छात्रों की पोस्ट को लेकर पुलिस अलर्ट मोड में है। छात्र-छात्राओं की गतिविधि व उनकी पोस्ट पर किस-किस तरह के कमेंट किए जा रहे हैं, इस पर नजर रखी जा रही है।

यहां अफगानिस्तान के अलावा विभिन्न देशों के युवा अध्ययनरत हैं

इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय, नैनी स्थित निजी कॉलेज समेत कई शिक्षण संस्थानों में अफगानिस्तान के अलावा विभिन्न देशों के युवा अध्ययनरत हैं। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के विद्यार्थी भी यहां शिक्षा ग्रहण कर रहे हैैं। अधिकांश विद्यार्थी सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं। आशंका है कि विदेशी अथवा जम्मू-कश्मीर से आने वाले विद्यार्थी आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों के प्रभाव में आकर आपत्तिजनक टिप्पणी कर सकते हैं। इसलिए पुलिस की सोशल मीडिया सेल उन पर लगातार नजर रख रही है। पूर्व में यहां रह कर अध्ययनरत जम्मू-कश्मीर का एक छात्र सोशल मीडिया पर अशोभनीय टिप्पणी कर चुका है, इसे देखते हुए विशेष सतर्कता बरती जा रही है। तीन दिन पहले पुलिस ने सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाली पोस्ट के आरोप में दारोगा के बेटे समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया था।

कैंट थाने में भी छह पर मुकदमा

आपत्तिजनक टिप्पणी कर धार्मिक सौहार्द बिगाडऩे की कोशिश के आरोप में कैंट थाने में छह लोगों के खिलाफ मुकदमा कायम किया गया है है। दारोगा अरविंद कुमार की तहरीर पर पुलिस ने अनैदा खान, आशुतोष झा, पंकज ओझा, आशुतोष अग्रहरि, गोलू शुक्ला और विवेक सिंह राजपूत के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की है। धूमनगंज, सिविल लाइंस, झूंसी में भी चार लोगों पर एफआइआर हुई थी।

बोले एसएसपी

एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज कहते हैं कि विदेशी छात्रों समेत ऐसे सभी लोगों पर सतर्क दृष्टि रखी जा रही है, जो सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट कर सकते हैं। ऐसा करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई भी की जा रही है।

 

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