प्रयागराज, जागरण संवाददाता। इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय समेत संघटक कालेजों में नए शैक्षणिक सत्र 2021-22 में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा के लिए तैयारी की गई है। प्रवेश परीक्षा 16 शहरों के 48 केंद्रों पर संपन्‍न कराई जाएगी। प्रवेश परीक्षा 18 से 30 अक्टूबर के बीच होगी। सिर्फ प्रयागराज में 14 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। प्रवेश परीक्षा संबंधी और जानकारी के लिए परीक्षार्थी इस खबर को जरूर पढ़ें।

यूपी के साथ ही अन्‍य प्रदेशों में भी होंगे प्रवेश परीक्षा केंद्र

प्रवेश प्रकोष्ठ के चेयरमैन प्रोफेसर आशीष सक्सेना और निदेशक प्रोफेसर आइआर सिद्दीकी ने प्रवेश परीक्षा संबंधी जानकारी दी है। बताया कि प्रयागराज के अलावा वाराणसी में आठ, आजमगढ़ में एक, गोरखपुर में चार, पटना में छह, कानपुर में दो, बरेली में एक, लखनऊ में चार, हैदराबाद में एक, तिरुअनंतपुरम में एक, बंगलुरु में एक, कोलकाता में एक, गुवाहटी में एक, भोपाल में एक, जयपुर में एक और दिल्ली में एक परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।

प्रयागराज के इन केंद्रों पर होगी प्रवेश परीक्षा

प्रयागराज में नंद किशोर सिंह कंप्यूटर एकेडमी झूंसी, एआइआइटी एंड मैनेजमेंट कालेज झूंसी, विनायक आइटी कालेज फाफामऊ, विवेकानंद पब्लिक इंटर कालेज बमरौली, आरडी इंस्टीट्यूट नैनी, एमएम इंफोटेक नैनी, अभिजीत स्किल सेंटर झलवा, एक्सीलेंस इंफोटेक नैनी, न्यू विजन कंप्यूटर इंस्टीट्यूट नैनी, श्री विंध्यवासिनी एजुकेशन एंड वेलफेयर फाफामऊ, अजय आनलाइन एक्जाम सेंटर झूंसी, साईं इंस्टीट्यूट आफ आइटी मैनेजमेंट नैनी, इंस्टीट्यूट आफ कंप्यूटर साइस एंड डेवलपमेंट टैगोर टाउन और इलाहाबाद इंफोटेक प्राइवेट लिमिटेड नैनी को परीक्षा केंद्र बनाया गया है।

विशेष शिक्षा पाठ्यक्रमों में प्रवेश शुरू

नेहरू ग्राम भारती मानित विश्वविद्यालय के विशेष शिक्षा विभाग में केंद्र सरकार और आरसीआइ से मान्यता प्राप्त डीएड स्पेशल एजुकेशन (बीटीसी के समकक्ष दो वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम) में प्रवेश शुरू हो गया है। डीएड विशेष शिक्षा सत्र 2021-22 में प्रवेश के लिए 12 अक्टूबर से 11 नवंबर तक आरसीआइ नई दिल्ली की वेबसाइट पर आनलाइन आवेदन कर नेहरू ग्राम भारती को पहले विकल्प के रूप में चुन सकते हैं। यह कोर्स प्राइमरी स्कूल, केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, दिव्यांग हेतू विद्यालय, टीईटी, सीटीईटी के लिए मान्य है। साथ ही बीएड विशेष शिक्षा एवं एमएड विशेष शिक्षा के पाठ्यक्रम में भी प्रवेश प्रारंभ है। विशेष शिक्षा का कोर्स करने के उपरांत प्राइमरी स्कूल, केंद्रीय विद्यालयों , नवोदय विद्यालय व भारत में कहीं पर भी प्राइमरी शिक्षण में अवसर प्राप्त होते हैं। इसके साथ ही स्पेशल एजुकेटर (विशेष शिक्षक) भी बन सकते हैं। यह जानकारी विश्वविद्यालय के विशेष शिक्षा विभाग के निदेशक एसएस मिश्रा ने दी।

Edited By: Brijesh Srivastava