जासं, इलाहाबाद : भाजपा नेता अमरजीत उर्फ मन्नू को किसी ने गोली मारी नहीं थी बल्कि लगी थी। मन्नू का साथी पिस्टल की टेस्टिंग कर रहा था, तभी गोली चली और फिर पैर में लग गई। पुलिस की विवेचना में यह तथ्य सामने आया है। इसके आधार पर हमले की कहानी को झूठा पाया गया है।

सोमवार को पुलिस ने ऋषभ और विकास का आमना-सामना कराया। तब दोनों ने अपनी-अपनी बात बताई। जब पुलिस ने अमरजीत से आरोपों पर सवाल उठाते हुए कड़ाई से पूछताछ की तो ऋषभ ने भी सच बता दिया। ऐसे में पुलिस पूरे मामले को हादसा समझ रही है। विवेचक दारोगा राम प्रवेश सिंह ने बताया कि ऋषभ के पास पिस्टल अवैध थी, उसकी तलाश की जा रही है। अमरजीत का अस्पताल में अभी इलाज चल रहा है। अशोक नगर निवासी ने भाजपा नेता ने रविवार शाम को पुलिस से बताया था कि उसे कर्नलगंज थाना के बक्शी बांध पर बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारी थी। वह दो लोगों के साथ कार से दारागंज में मित्र से मिलकर घर लौट रहे थे। रास्ते में लघुशंका के लिए उतरे थे, तभी घटना हुई। निजी अस्पताल पहुंचकर एसपी सिटी, सीओ व इंस्पेक्टर ने पूछताछ की। अमरजीत की तहरीर पर कर्नलगंज में रिपोर्ट दर्ज हुई। लेकिन पुलिस ने जब अमरजीत के साथ रहे विकास से कड़ाई से पूछताछ की तो उसने पूरी कहानी बयां कर दी थी। बयानों में विरोधाभास मिलने समेत कई तथ्यों के आधार पर पुलिस घटना को संदिग्ध बता रही है। फिलहाल इंस्पेक्टर कर्नलगंज सत्येंद्र सिंह कहना है कि अमरजीत के मकान पर ऋषभ पिस्टल की टेस्टिंग कर रहा था, जिसकी गोली लगी है। हमले की बात अब तक की जांच में गलत पाई गई है।

Posted By: Jagran