ठंड बढ़ी लेकिन तीन ब्लाक में पांच फीसद बच्चे अभी भी स्वेटर से वंचित

-मेजा, मांडा व उरुवा अध्यापकों की ओर से किया गया वितरित, विभाग से अब तक नहीं मिले रुपये

प्रयागराज : मेजा तहसील क्षेत्र के मेजा, मांडा एवं उरुवा ब्लाक स्थित परिषदीय विद्यालयों में अध्यापकों ने स्वयं के निधि से स्वेटर तो बंटवा दिया है, लेकिन उन्हें विभाग से अब तक रुपये नहीं मिले है। हालांकि, तीनों ही ब्लाकों के पांच फीसद बच्चे अभी भी स्वेटर वंचित हैं।

मेजा ब्लाक के 126 प्राथमिक व 48 पूर्व माध्यमक विद्यालय :

मेजा ब्लाक के 126 प्राथमिक एवं 48 पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में 21600 बच्चे पंजीकृत है। विभागीय सूत्रों की मानें तो 20405 बच्चों को स्वेटर वितरित किया जा चुका है। उरुवा ब्लाक के 98 प्राथमिक एवं 37 पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में 16087 छात्र पंजीकृत है, जिसमें से 15630 बच्चों को स्वेटर मिला है। यहां के प्राथमिक विद्यालय लोहारी एवं ओनौर विद्यालय के कुछ अभिभावकों का कहना है कि उनके पाल्यों को अब तक नहीं मिला है।

मांडा ब्लाक में 122 प्राथमिक व 53 पूर्व माध्यमिक विद्यालय :

मांडा ब्लाक के 122 प्राथमिक एवं 53 पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में कुल 23801 बच्चे पंजीकृत है। इसमें से 17850 बच्चों को अब तक स्वेटर वितरित कराया जा चुका है। प्राथमिक विद्यालय भरारी एवं देवा के कुछ अभिभावकों ने भी स्वेटर न वितरित किए जाने का आरोप लगाया है। प्राथमिक विद्यालय देवा में महज 40 फीसद बच्चों को ही स्वेटर वितरित कराया गया है।

खंड शिक्षा अधिकारी मांडा ने कहा :  

 खंड शिक्षा अधिकारी मांडा रामचंद्र यादव ने बताया कि उपस्थिति एवं स्वेटर की उपलब्धता के आधार पर विद्यालयों में स्वेटर वितरित कराया जा रहा है। विभाग से अभी स्वेटर का पैसा नहीं आया है। इस कारण कुछ विद्यालयों में कुछ बच्चे वंचित हैं, लेकिन उन स्थानों पर भी स्वेटर के वितरण को लेकर संबंधित अध्यापकों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया है।

क्या कहते हैं खंड शिक्षा अधिकारी उरुवा :

खंड शिक्षा अधिकारी उरुवा संजय कुमार ने भी विभाग से पैसा न आने को एक समस्या बताया। उन्होंने कहा कि अध्यापकों को अपने निधि से स्वेटर वितरित कराने के लिये कहां गया है। अध्यापकों के कोटेशन को शीर्ष अधिकारियों के पास भेज दिया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही स्वेटर का रुपया आ जाएगा।

पांच फीसद से भी ज्यादा बच्चों को नहीं मिलता है ड्रेस व स्वेटर :

विभाग से रुपये न आने और कम आने की आशंका को लेकर ज्यादातर विद्यालयों में दो प्रतिशत से लेकर पांच प्रतिशत बच्चों को जानबूझ कर स्वेटर नहीं वितरित कराया जा रहा है। कुछ अध्यापकों ने नाम ने छापने की शर्त पर बताया कि विभाग से पैसा नहीं आया है। ऐसी दशा में हम लोग स्वयं की निधि से स्वेटर वितरित करा रहे है। अक्सर देखा गया है कि जिन विद्यालयों में छात्रों की जितनी संख्या होती है, उसमें कुछ छात्रों का पैसा कम आता है। ड्रेस वितरण के दौरान इस प्रकार की समस्याएं आम है। 

अध्यापकों की गले का फांस बना :

13 अक्तूबर को हुई बैठक के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी से संबंधित अध्यापकों को निर्देशित किया था कि 31 अक्तूबर तक सभी विद्यालयों के सभी बच्चों को स्वेटर वितरित करा दिया जाए। स्वेटर के लिए प्रति छात्र 200 रुपये खर्च करने की अनुमति दी गई। कुछ शिक्षकों ने दुकानों से स्वेटर उधार लेकर बच्चों को वितरित करा दिया। महीनेभर बीतने को है, लेकिन विभाग से अब तक पैसा नहीं आया है। प्राथमिक शिक्षक संघ उरुवा के अध्यक्ष विनोद शुक्ला ने बताया कि स्वेटर वितरण के भुगतान में देरी होने से अध्यापकों को जलालत झेलनी पड़ रही है। इस बाबत खंड शिक्षा अधिकारी सहित जिले के अधिकारियों को सूचना दी गई है।

 

Posted By: Brijesh Srivastava

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