प्रयागराज, जेएनएन। उत्तर प्रदेश के अशासकीय सहायताप्राप्त माध्यमिक कालेजों के लिए बड़ी खुशखबरी है। इन कालेजों के लिए प्रधानाचार्य, प्रवक्ता और प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक चयन की प्रक्रिया जारी रहेगी। शासन ने पांच सदस्यों को दूसरा कार्यकाल देने का आदेश जारी कर दिया है। पांचों सदस्यों का बुधवार को कार्यकाल पूरा हो रहा था। कोविड-19 संक्रमण संकट से उबरते ही लॉकडाउन खत्म होगा और चयन बोर्ड में फिर साक्षात्कार, लिखित परीक्षा और अन्य चयन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

उत्तर प्रदेश के एडेड माध्यमिक कालेजों के लिए शिक्षक का चयन करने का जिम्मा माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड को है। पीजीटी-टीजीटी वर्ष 2016 भर्ती की लिखित परीक्षा फरवरी व मार्च 2019 में कराई गई और इधर कई माह से विषयवार साक्षात्कार चल रहे थे। सूबे में कोविड-19 के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए चयन बोर्ड ने 20 मार्च को अपने साक्षात्कार व अन्य कार्य स्थगित कर दिए थे। ज्ञात हो कि जिन विषयों का साक्षात्कार कार्यक्रम घोषित था, उनका इंटरव्यू पांच अप्रैल तक चलना था। हालांकि अभी कई विषयों का साक्षात्कार कार्यक्रम घोषित होने का इंतजार है।

चयन बोर्ड में इस समय अध्यक्ष बीरेश कुमार के अलावा छह सदस्य कार्यरत हैं। उनमें से पांच सदस्य गोरखपुर के डॉ. दिनेश मणि त्रिपाठी, प्रयागराज के डॉ. धीरेंद्र द्विवेदी, वाराणसी के डॉ. हरेंद्र कुमार राय, हापुड़ के डॉ. अजीत सिंह और आगरा के डॉ. ओमप्रकाश राय का दो वर्ष का कार्यकाल आठ अप्रैल को पूरा हो रहा था। इसके बाद अध्यक्ष व एक मात्र सदस्य किशन बीर सिंह शाक्य ही चयन बोर्ड में होते। देश में कोरोना वायरस संकट को देखते हुए 14 अप्रैल तक लॉकडाउन घोषित है। लॉकडाउन खत्म होने के बाद भी चयन बोर्ड में साक्षात्कार नहीं हो सकते थे, क्योंकि कोरम पूरा नहीं था।

माध्यमिक शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव आराधना शुक्ला की ओर से पांचों सदस्यों को दूसरा कार्यकाल देने का आदेश जारी हो गया है। इसमें यह प्रतिबंध भी लगाया गया है कि यदि नवगठित उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग इन सदस्यों के पद की अवधि पूरी होने से पहले गठित हो जाता है तो उसी तारीख को सदस्यों का कार्यकाल स्वत: समाप्त माना जाएगा। ज्ञात हो कि अब इन सदस्यों का कार्यकाल 2022 तक रहेगा।

Posted By: Umesh Tiwari

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