प्रयागराज, जेएनएन। कोटवा एट बनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती छह कोरोना पीडि़तों में पांच को खांसी, जुकाम भी नहीं है। जबकि कौशांबी के एक मरीज को इसकी शिकायत है लेकिन वह भी इतना गंभीर नहीं कि उसे लेवल टू के अस्पताल बेली में भेजा जाए। सप्ताह भर बाद इनकी फिर से जांच होगी और उसमें रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उन्हें घर भेजा जा सकता है।

इन मरीजों की रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है

कोटवा एट बनी में एक इंडोनेशियाई, तीन प्रतापगढ़ और दो मरीज कौशांबी के हैं। बुधवार को कौशांबी का एक मरीज विशेष आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया। इनकी पल-पल की रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है। डॉक्टरों ने बताया कि यहां भर्ती मरीज बहुत ही व्यवस्थित ढंग से हैं। इंडोनेशियाई युवक डॉक्टरों के आने पर अपनी भाषा में उनका अभिवादन करता है।

छह में से पांच मरीज स्वस्थ सामान्य तरीके से रह रहे हैं

कोटवा सीएचसी के अधीक्षक डॉ. अमृतलाल यादव के मुताबिक, छह डॉक्टर कोरोना के मरीजों के इलाज में लगे हैं। यदि किसी मरीज को कोई समस्या होती है तो उसे लेवल-2 या लेवल-3 में भर्ती कराया जाएगा। पांच मरीज स्वस्थ हैं और सामान्य तरीके से रह रहे हैं। कौशांबी के एक मरीज को खांसी और जुकाम की मामूली शिकायत है। 

ब्राजील के छात्रों को स्वदेश भेजने की तैयारी

लॉकडाउन में फंसे ब्राजील के छात्रों को स्वदेश भेजने की तैयारी तेज हो गई है। ये छात्र बिहार और पश्चिम बंगाल में हैं, जो वातानुकूलित बसों से लाए जाएंगे। वे प्रयागराज और लखनऊ में रात्रि निवास करेंगे, फिर उन्हें दिल्ली ले जाया जाएगा। दिल्ली से ब्राजील की सरकार स्पेशल फ्लाइट से इन छात्रों को अपने देश ले जाएगी। ब्राजील के विदेश विभाग के अफसरों ने भारतीय दूतावास के अफसरों से इस बाबत वार्ता की। इसके बाद भारतीय विदेश मंत्रालय के अफसरों ने प्रयागराज के प्रशासनिक अफसरों से बात की। प्रशासनिक अफसरों ने बताया कि यहां आने पर सभी छात्रों का चिकित्सकीय परीक्षण होगा, जिसके बाद उन्हें ठहराया जाएगा और फिर अगले दिन दिल्ली के लिए रवाना किया जाएगा।

Posted By: Brijesh Srivastava

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस