जागरण संवाददाता,प्रयागराज: प्रयागराज जंक्शन पर फुट ओवरब्रिज से नीचे उतरने के लिए भी अब एस्केलेटर लगेंगे। रेलवे प्रशासन ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। इस वित्तीय वर्ष में पांच नए एस्केलेटर लगाए जाने की योजना है। मौजूदा समय में प्रयागराज जंक्शन पर जो भी एस्केलेटर लगे हैं, वह फुट ओवरब्रिज पर चढ़ने के लिए ही हैं। लेकिन, एक भी एस्केलेटर नीचे उतरने के लिए नहीं हैं। इसी के मद्देनजर उत्तर मध्य रेलवे (उमरे) प्रशासन प्रयागराज जंक्शन पर जहां एस्केलेटर लगे हैं, वहीं पर अब फुट ओवरब्रिज से उतरने के लिए भी एस्केलेटर लगाएगा।

उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक प्रमोद कुमार ने मंगलवार को अनौपचारिक बातचीत में कहा कि संरक्षायुक्त और समयबद्ध ट्रेनों का संचालन प्राथमिकता है। यात्रियों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। हाल के दिनों में बुनियादी ढांचे के कामों मसलन दोहरीकरण, ट्रिपलिग, गेज परिवर्तन और विद्युतीकरण पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने बताया कि चौंराह-पुखराया-मलासा का सीआरएस निरीक्षण चल रहा है। 18.25 किलोमीटर का यह पैच कानपुर-झांसी दोहरीकरण परियोजना का एक हिस्सा है। बिड़लानगर-उडीमोर खंड का विद्युतीकरण पूरा हो गया है, बुधवार को सीआरएस निरीक्षण किया जाएगा। सीआरएस की स्वीकृति मिलते ही इटावा-ग्वालियर सेक्शन पर विद्युत इंजन वाली ट्रेनों का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा।

ज्यादातर मालगाड़ियां डीएफसी में स्थानांतरित होंगी

डीएफसी के मुद्दे पर महाप्रबंधक ने कहा कि भविष्य में हम भारतीय रेल नेटवर्क पर और अधिक कोचिग ट्रेनें चलाने की स्थिति में होंगे, क्योंकि अधिक से अधिक मालगाड़ियों को डीएफसी में स्थानांतरित किया जाएगा। बताया कि इरादतगंज-कुंवाडीह फ्लाईओवर की डीपीआर मंजूरी के लिए रेलवे बोर्ड भेजी गई है। यह फ्लाईओवर प्रयागराज क्षेत्र में कंजेशन कम करेगा। यात्री सुविधाओं के लिए मौजूदा वित्तीय वर्ष में उत्तर मध्य रेलवे में कुल नौ एस्केलेटर चालू करने का लक्ष्य है। इनमें से दो अलीगढ़ जंक्शन पर बनकर तैयार हैं। इसी तरह सात लिफ्ट का लक्ष्य रखा गया है। इसमें से विध्याचल स्टेशन पर लिफ्ट बनकर तैयार हो गई।

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