प्रयागराज,जेएनएन। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआइटी) की ओर से तैयार किए गए उपकरण अब जल्द ही बाजार में आम लोगों को भी आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे। इसके लिए एमएनएनआइटी और बेंगलुरु की केयरमॉट एलएलपी लिमिटेड कंपनी के बीच करार भी हो गया।

एमएनएनआइटी ने ये उपकरण किए है तैयार

दरअसल, संस्थान ने महामारी से लडऩे के लिये कई उपकरणों के अलावा तमाम तरह की तकनीकी भी इजाद की है। इनमें वाइरेलाइजर, वायरोशील्ड, अमृत ऐप, प्रतिरोधी तंत्र को मजबूत करने के लिये आयुर्वेदिक काढ़ा प्रमुख हैं। बुधवार को संस्थान के निदेशक प्रो. राजीव त्रिपाठी, बौद्धिक संपदा अधिकार स्थायी समिति की अध्यक्ष प्रो. गीतिका, रजिस्ट्रार डॉ. सर्वेश कुमार तिवारी और कंपनी के चेयरमैन विमल केडिया, निदेशक अंकित केडिया ने समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए। ऑनलाइन समारोह में केयरमॉट समूह के इंजीनियर सुरेन्द्र केडिया, रजत केडिया, हसन मोहता ने भी प्रतिभाग किया।

युवा शोधार्थियों को उत्‍कृष्ट शोध एवं आविष्कार के लिये प्रोत्साहित करेगा

प्रो. त्रिपाठी ने संस्थान के सदस्यों को बधाई दी और ऐसे शोध को प्रोत्साहित किया, जो दैनिक जीवन से जुड़ी समस्याओं के हल खोजने में सहायक हों। उन्होंने बताया कि यह डायमंड जुबली उत्सव में महामारी से निपटने के लिये संस्थान के संकल्प को सुदृढ़ करने वाला कदम है। यह टेक्नालॉजी ट्रांसफर युवा शोधाॢथयों को उकृष्ट शोध एवं आविष्कार के लिये प्रोत्साहित करेगा। इस दौरान बॉयोटेक्नोलॉजी विभाग के अनुसंधान टीम के सदस्य डॉ. अम्बक कुमार राय, प्रो. शिवेश शर्मा, डॉ. समीर श्रीवास्तव, डॉ. आशुतोष मणि और डॉ. एनके सिंह भी उपस्थित रहे।

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