प्रयागराज,जेएनएन। सूबेदारगंज में डाउन दिशा में क्रॉस ओवर, नैनी और प्रयागराज छिवकी के बीच तीसरी लाइन का प्रावधान, मेजा थर्मल पावर प्लांट के साथ उचित कनेक्टिविटी के काम, प्रयागराज में दो मानक वाशिंग पिट लाइनों का निर्माण, सोनभद्र में ट्रैक्शन सबस्टेशन, रूमा-फतेहपुर सेक्शन में स्वचालित सिग्नलिंग, दो वाशिंग लाइनों का निर्माण, जसरा और डभौरा में लंबे लूप लाइन का निर्माण प्रयागराज मंडल में प्राथमिकता वाले कार्य हैं। एनसीआर और एनईआर के महाप्रबंधक विनय कुमार त्रिपाठी ने समीक्षा बैठक कर कार्यों पर चर्चा भी की।

महाप्रबंधक ने कहा कि रनिंग लाइनों के पास काम करने वाली एजेंसियों द्वारा उच्च स्तर की सतर्कता बरती जानी चाहिए। सभी नियमों का पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एसेट फेलियर की पुनरावृत्ति से बचने के लिए प्रत्येक विफलता के मूल कारण की विस्तार से जांच होनी चाहिए। इसके अलावा उत्तर मध्य रेलवे क्षेत्र में संरक्षा, समय पालनता, माल ढुलाई प्रदर्शन और मानव संसाधन विकास कार्यों की भी समीक्षा की। वैगन के दरवाजों को उचित तरीके से बंद करने और सुरक्षित करने के लिए बरती जाने वाली सावधानी, समपार फाटकों पर पर्याप्त रोशनी, कार्यस्थल पर संरक्षा आदि विषयों पर चर्चा की गई। वहीं, ललितपुर-खजुराहो खंड में गति बढ़ाने की भी समीक्षा की गई। ट्रेनों की गति को मौजूदा 70 किलोमीटर प्रतिघंटा से 110 किलोमीटर प्रतिघंटा तक बढ़ाने के लिए आवश्यक कार्य पहले ही पूरे हो चुके हैं और आवश्यक निरीक्षण और प्रमाणन के बाद सेक्शन की गति को जल्दी ही बढ़ा दिया जाएगा। समीक्षा बैठक के नियमित एजेंडा आइटम के अलावा प्रमुख प्राथमिकता वाले कार्यों पर चर्चा की गई। ये कार्य गाडिय़ों के संरक्षायुक्त और कुशल संचालन के लिए महत्वपूर्ण हैं और इनके समय पर पूरा होने से उत्तर मध्य रेलवे में ट्रेनों की गतिशीलता में और अधिक सुधार होगा। वर्चुअल बैठक में एनसीआर के एजीएम रंजन यादव समेत प्रयागराज, झांसी और आगरा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक आदि शामिल रहे।

Edited By: Rajneesh Mishra