प्रयागराज,जेएनएन। इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के छात्रावासों पर लगभग साढ़े 10 करोड़ रुपये बिजली का बिल बकाया है। लगभग सात करोड़ रुपये अकेले हालैैंड हॉल हॉस्टल का बिल बकाया है। विद्युत विभाग ने विश्वविद्यालय के कुलपति को पत्र भेजकर एक हफ्ते का अल्टीमेटम दिया है। पत्र में कहा गया है कि एक हफ्ते में भुगतान नहीं हुआ तो आरसी जारी कराकर बैैंक खाता सीज कराया जाएगा।

बिजली विभाग ने बकाएदारों के खिलाफ तेज की कार्रवाई

विद्युत विभाग ने बड़े बकाएदारों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। टैगोर टाउन के सहायक अभियंता विजय कुमार तिवारी ने बताया कि इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के डायमंड जुबली छात्रावास पर लगभग 47 लाख रुपये, एएन झा छात्रावास पर लगभग 75 लाख रुपये, सर सुंदर लाल छात्रावास पर लगभग 73 लाख रुपये, जीएन झा छात्रावास पर 62 लाख रुपये व पीसीबी छात्रावास पर 80 लाख रुपये का विद्युत बिल बकाया है। इसके अलावा हॉलैैंड हॉल छात्रावास पर सात करोड़ रुपये का बिल बकाया है। सहायक अभियंता ने बताया कि भारद्वाज आश्रम पार्क पर 92 लाख रुपये, कंपनी बाग पर तीन लाख रुपये का विद्युत बिल बकाया है।

तेजाब फेंकने की दी थी धमकी

विद्युत विभाग की महिला कर्मचारी से छेड़छाड़ व अश्लील हरकत के मामले में मजिस्ट्रेटी जांच के निर्देश के बाद आरोपी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी फरार हो गया। वह गुरुवार को दफ्तर नहीं आया। यह भी पता चला है कि आरोपित ने तेजाब फेंकने की भी धमकी दी थी। इस मामले में एसडीएम मेजा को जांच सौंपी गई है।

मृत महिला के खिलाफ दर्ज बिजली चोरी का केस

बिजली विभाग के अवर अभियंता एक उपभोक्ता पर इतना खफा हुआ कि मृत महिला के खिलाफ ही बिजली चोरी का केस दर्ज करा दिया। दो सप्ताह बाद पुलिस समन लेकर घर पहुंची तो उपभोक्ता को जानकारी हुई। मामला कैबिनेट मंत्री के पास पहुंचा तो विभाग में हड़कंप मच गया। चकदौंदी मोहल्ला निवासी बबलू तिवारी पुत्र शेषमणि तिवारी की छत पर चढ़कर बिजली कर्मी अक्सर खंभे से बिजली ठीक करते थे। एक दिन बबलू ने छत पर जाने के लिए दरवाजा नहीं खोला। यह बात अवर अभियंता को नागवार लगी। इसके बाद अवर अभियंता ने बबूल की मां जिनका कई साल पहले निधन हो चुका है, उनके खिलाफ बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज करा दिया, जबकि बबलू के घर स्मार्ट मीटर लगा हुआ जिसमें कटिया लगाना संभव नहीं है। बबलू ने बताया कि पूरा बिल भी जमा है। विभाग ने चोरी के बाबत 62 हजार का जुर्माना भी लगाया है। पीडि़त परिवार जब कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी के पास गया, तो उन्होंने विभाग से पूछताछ शुरू कर दी।

Posted By: Brijesh Srivastava

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