प्रयागराज, जेएनएन। भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के खिलाफ रविवार को भी धरना-प्रदर्शन जारी रहा। सिविल लाइंस के सुभाष चौराहे पर छात्रनेताओं व छात्रों ने जूता पॉलिश कर विरोध जताया। पुलिस जब उन्हें समझाने पहुंची तो नोकझोंक हो गई। इस पर इलाहाबाद यूनिवर्सिटी छात्रसंघ अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव समेत आठ छात्रनेताओं को पकड़ लिया। इसके बाद सभी को पुराने मुकदमे में गिरफ्तार कर लिया गया। 

 यूपीएससी में भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर छात्र संगठन कर रहे धरना-प्रदर्शन 

एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती के पेपर लीक मामले में यूपीपीएससी की परीक्षा नियंत्रक अंजू कटियार की गिरफ्तारी के बाद प्रतियोगी छात्रों का आंदोलन चल रहा है। यूपीएससी में भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर लगातार छात्रों के संगठन धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। रविवार को भी संघर्ष मोर्चा के बैनर तले तमाम प्रतियोगी छात्र सड़क पर उतर आए। सुभाष चौराहे पर धरना देते हुए विरोध में जूता पॉलिश किया। आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कई अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग करने लगे। इससे वहां आवागमन बाधित होने लगा। पुलिस जब नाराज छात्रों को समझाने पहुंची तो वह अपनी मांग पर अड़ गए। इस पर पुलिस व छात्रनेताओं के बीच नोकझोंक होने लगी। हंगामा होने पर पुलिस ने सभी को पकड़ लिया और कैंट थाने भिजवा दिया। 

बोले इंस्पेक्टर सिविल लाइंस

इंस्पेक्टर सिविल लाइंस राकेश चौरसिया का कहना है कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव व संदीप यादव, अजीत यादव उर्फ विधायक, अरुण, रवि, अखिलेश गुप्ता और विवेकानंद उपाध्याय ने दो दिन पहले भी बखेड़ा किया था। इन सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। उस मुकदमे में वांछित होने के बावजूद धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। इस पर सभी को गिरफ्तार करते हुए आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। 

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Posted By: Brijesh Srivastava

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