राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : शिक्षा निदेशालय के वित्त नियंत्रक बेसिक शिक्षा कार्यालय में गुरुवार सुबह आग से तमाम अभिलेख राख हो गए। शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शार्ट सर्किट बताया जा रहा है, साथ ही वित्तीय अभिलेखों का नुकसान न होने का दावा जरूर किया जा रहा है लेकिन, अफसरों की भाव-भंगिमा बड़े नुकसान की ओर इशारा कर रही है। समाचार लिखे जाने तक इस मामले की एफआइआर भी दर्ज नहीं कराई गई है। महाशिवरात्रि के अवकाश के बाद शिक्षा निदेशालय मुख्यालय गुरुवार सुबह करीब आठ बजे खुला तो चपरासी को वित्त नियंत्रक कार्यालय से धुएं का गुबार निकलता मिला, अंदर ज्वाला धधक रही थी। इसकी सूचना फायर ब्रिगेड व पुलिस को दी गई। वित्त नियंत्रक मणि प्रसाद पांडेय व बेसिक शिक्षा परिषद सचिव संजय सिन्हा कार्यालय पहुंचे। आग में कार्यालय के अंदर रखा फर्नीचर, फाइलें, कंप्यूटर व अन्य सामान जल रहा था और तेज लपटें बाहर तक उठ रही थी। फायर ब्रिगेड को आग बुझाने में मशक्कत करनी पड़ी। वित्त नियंत्रक कार्यालय के पिछले हिस्से में जो भी फाइलें और अन्य दस्तावेज मेज व आसपास रखे थे, वह जल गए हैं। अफसरों की मानें तो आग में विधानसभा के प्रश्नों से जुड़ी अहम फाइलें, कंप्यूटर, सीपीयू, फर्नीचर जल गया है। आशका जताई जा रही है कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी थी। इसके बाद भी जांच चल रही है कि आग लगने की वजह क्या है। इसी परिसर में परिषद सचिव का भी कार्यालय का है। वित्तीय वर्ष के समापन मौके पर वित्त नियंत्रक कार्यालय में आग लगने पर तरह-तरह की चर्चाओं का दौर तेज है। यह भी कहा जा रहा है कि आग से वित्त की फाइलें नहीं जली हैं। कुछ दिन पहले ही माध्यमिक के वित्त नियंत्रक का अतिरिक्त प्रभार निदेशालय के वित्त नियंत्रक भोलानाथ को मिला है। इसके अलावा वित्त नियंत्रक मणि प्रसाद पांडेय घटना की जानकारी देने में भी हांफ रहे थे, उन्हें घटना में हुए नुकसान की सूचना देने तक में दिक्कत हो रही थी। इससे यहां बड़ी अनहोनी से भी इन्कार नहीं किया जा सकता है। यह भी तर्क दिया गया कि यदि आग साजिशन लगती तो और नुकसान हो सकता था। ----