प्रयागराज, जेएनएन। कोरोना के वायरस डेल्टा का खतरा पीछे छूट चुका है अब ओमिक्रोन की बारी है। इसके खतरे से निपटने को स्वास्थ्य विभाग कमर कस चुका है तो लोगों में बड़ा असमंजस है कि वैक्सीन की दोनाें डोज लगवा चुके हैं फिर भी ओमिक्रोन से संक्रमित हुए तो कितना असरकारी रहेगा। वरिष्ठ चिकित्सकों की राय है कि दोनों डोज लगवा चुके हैं और ओमिक्रोन से संक्रमित हो भी गए तो वैक्सीन पर दावे के अनुसार 50 फीसद बचत रहेगी। कुछ यही बताया रविवार को दैनिक जागरण के हेलो डाक्टर कार्यक्रम में वरिष्ठ फिजीशियन डा. सुजीत वर्मा ने। प्रस्तुत है पाठकों द्वारा उनसे हुए सवाल और मिले जवाब के प्रमुख अंश।

ये थे सवाल औऱ उनके जवाब

सवाल : मुझे हार्ट की बीमारी है। अभी तक कोरोना रोधी टीका नहीं लगवाया है। क्या मुझे टीका लगवाना चाहिए।हीरा शुक्ला ग्राम छेरी गांव बारा और राकेश कनौजिया बहरिया

जवाब : आपने अब तक टीका नहीं लगवाया है, यही सुनकर बड़ा ताज्जुब हो रहा है। जिस डाक्टर से अपना इलाज करा रहे हैं उनसे एक बार सलाह लेकर टीका लगवा लीजिए।

सवाल :सुनने में आ रहा है कि कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रोन काफी खतरनाक है। इससे कैसे सुरक्षित रहा जाए।

सत्यम मिश्रा, नारायण दास का पुरवा

जवाब : नए वैरिएंट पर अध्ययन अभी चल रहा है। फिलहाल सभी को घर से बाहर निकलने पर मास्क लगाकर रखना है। मास्क भी उच्च गुणवत्ता वाला लगाएं। घबराहट में न रहें, ओमिक्रोन के बारे में ज्यादा खतरे की बात अब तक सामने नहीं आई है।

सवाल : रेलवे में लोको पायलट हूं। ड्यूटी पर कई जिलों में जाना पड़ता है। हालांकि दोनों टीका लगवा चुके हैं फिर भी ओमिक्रोन से खतरा लग रहा है।

केपी सिंह, लूकरगंज

जवाब : ओमिक्रोन वायरस के अभी देश में चार केस ही मिले हैं। ज्यादा न घबराएं। लोग अगर बीपी या शुगर के मरीज हैं तो इसे नियंत्रित रखें। खानपान में विटामिन व प्रोटीन भरपूर मात्रा में लें।

सवाल : हमारी मकान मालकिन अस्थमा की मरीज हैं। उन्होंने अब तक वैक्सीन भी नहीं लगवाई है।

हेमंत कुमार पांडेय, पुराना कटरा

जवाब : मकान मालकिन को किसी तरह से समझाकर उन्हें वैक्सीन जरूर लगवाइए। क्योंकि कोरोना वायरस से सुरक्षा में वैक्सीन को ही प्राथमिकता दी जा रही है।

सवाल : हम पति पत्नी वैक्सीन की दोनों डोज लगवा चुके हैं। क्या ओमिक्रोन का संक्रमण हुआ तो उसका विपरीत असर हम पर भी होगा।

राजेश कुमार पांडेय मुंडेरा

जवाब : आप वैक्सीन की दोनों डोज लगवा चुके हैं फिर भी सतर्क रहें। मास्क लगाकर रखें। यह जान लीजिए कि संक्रमण होने की दशा में बीमारी की गंभीरता ज्यादा नहीं होगी।

सवाल : सर्दी जुकाम के साथ 10 दिनों से बुखार था। अब बुखार तो ठीक हो गया है लेकिन सर्दी जुकाम ठीक नहीं हो रहा। क्या यह ओमिक्रोन के लक्षण हैं।

ममता सिंह, बेली रोड

जवाब : आपको घर में रहते ही मौसमी बीमारी हुई है तो निश्चिंत रहें। यह ओमिक्रोन नहीं हो सकता। फिर भी आपको एक बार कोविड टेस्ट करा लेना चाहिए।

सवाल : रात में सोने के समय घबराहट होती है नींद नहीं आती। पैर के जोड़ों में दर्द भी होता है।

मंजू मिश्रा, उतरांव

जवाब : आपको अस्पताल आना होगा। कुछ जांचें होंगी। देखा जाएगा कि घबराहट का कारण क्या है। आप स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय आइए।

सवाल : कोरोना रोधी वैक्सीन लगवा चुके हैं। क्या ओमिक्रोन से अब भी खतरा है।

अनुराग यादव नार्थ मलाका

जवाब : वैक्सीन लगवा चुके लोगों को संक्रमण तो हो सकता है लेकिन उसकी गंभीरता ज्यादा नहीं रहेगी। सभी को सावधान रहने की जरूरत है। मास्क लगाकर रहें।

सवाल : गले में जलन होती है। तीखा बिल्कुल नहीं खाया जाता। पेट ठीक नहीं रहता और मुंह में अक्सर छाले हो जाते हैं।

शिवम मिश्रा, झूंसी

जवाब : आप में विटामिन की कमी है। अस्पताल में आकर चेक करवा लीजिए। खाने-पीने का ध्यान रखिए और तली भुनी चीजें ज्यादा न खाएं।

सवाल : मुझे डाइबिटीज है। नए वैरिएंट ओमिक्राेन से बचाव कैसे करें।

नरेश चंद्र निषाद झूंसी

जवाब : आप समय रहते कोरोना का टीका लगवा लें। टीका लगे होने की दशा में यदि ओमिक्रोन का संक्रमण होगा भी तो ज्यादा गंभीरता नहीं होगी। मास्क भी लगाते रहें।

सवाल : अगर किसी को सर्दी जुकाम व बुखार है और खांसी भी आ रही है तो कैसे पहचानें की उसे ओमिक्रोन का संक्रमण हुआ है। इसके लक्षण क्या हैं।

नेहा सिंह, जीरो रोड

जवाब : भारत में ओमिक्रोन के अभी चार संक्रमित ही मिले हैं। सभी में इसकी गंभीरता माइल्ड यानी मामूली ही है। लक्षण के बारे में अभी उच्च स्तर पर अध्ययन चल रहा है। फिलहाल आपको अगर सर्दी जुकाम या बुखार की दिक्कत है तो एक बार कोविड जांच करा लें।

सवाल : वैक्सीन की दोनों डोज लगवा चुके हैं, डाइबिटिक हूं और दो बार सर्दी जुकाम के साथ बुखार हो चुका है। कहीं यह ओमिक्रोन होने का संकेत तो नहीं है।

सतीश चंद्र मिश्र, अल्लापुर

जवाब : ओमिक्रोन अभी ज्यादा नहीं फैला है। यदि आपके घर में किसी की ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है या बाहर से आए किसी बीमार शख्स से संपर्क नहीं हुआ है तो घबराएं नहीं। मन में कोई शक है तो कोविड जांच फिर से करा लें।

इम्युनिटी पर रखें ज्यादा ध्यान

ओमिक्रोन की चिंता करने वाले फिलहाल इस पर ध्यान दें कि इम्युनिटी बढ़ाने या मजबूत बनाए रखने के लिए खानपान कैसा है। खाना समय से खाएं, प्रोटीन और विटामिन वाले खाद्य पदार्थ को प्राथमिकता दें।

इन रोगों के मरीज रहें ज्यादा सतर्क

अगर किसी को ब्लड प्रेशर, शुगर यानी डाइबिटीज, गुर्दे की बीमारी, हार्ट की बीमारी या अस्थमा है तो कोरोना के डेल्टा या ओमिक्रोन से संक्रमण को लेकर ज्यादा सावधानी बरतें। बीमारी के अनुसार दवा का सेवन नियमित करें।

मार्निंक वाकर रहें सजग

जो भी लोग भोर में टहलने के लिए घर से निकलते हैं और बुजुर्ग हैं तो अपने समय में मौसम को देखते हुए परिवर्तन करें। ज्यादा कोहरा या सहनशक्ति से अधिक गलन है तो मोसम थोड़ा नरम होने का इंतजार करें। आधे या एक घंटे बाद भी टहलने निकलेंगे तो बाहर की ताजी हवा मिल जाएगी।

धूमपान से फेफड़़े न करें कमजोर

कोरोना की दूसरी लहर में युवाओं पर भी विपरीत असर पड़ा था। उसमें फेफड़े को वायरस ज्यादा नुकसान पहुंचा रहा था और ओमिक्रोन को लेकर भी ज्यादा कुछ नहीं कह सकते। फिलहाल यही कहना है कि युवा, धूमपान से बचें, क्योंकि इससे फेफड़े असमय कमजोर हो जाते हैं।

Edited By: Ankur Tripathi