इलाहाबाद : दावे बड़े-बड़े लेकिन हर काम उससे विपरीत। कुछ ऐसा ही चल रहा है शहर में निर्माणाधीन फ्लाईओवरों के पास। वाराणसी में हुए हादसे के बावजूद निर्माणाधीन फ्लाईओवरों के पास से वाहनों का आवागमन जारी है। यही नहीं उसमें काम करने वाले कर्मचारियों को हेलमेट तक मुहैया नहीं कराया गया। इसके चलते वह जान जोखिम में डालकर काम कर रहे हैं। लेकिन उस ओर न सेतु निगम का ध्यान जा रहा है न ही प्रशासन का। ऐसी स्थिति में किसी भी समय बड़ी दुर्घटना हो सकती है।

बीती 15 मई को वाराणसी में निर्माणाधीन फ्लाईओवर की बीम गिरने से कइयों की मौत हो गई थी। इसके पीछे प्रमुख कारण था फ्लाईओवर के नीचे वाहनों का चलना। हादसे के बाद इलाहाबाद में बन रहे फ्लाईओवरों के आस-पास वाहनों के आवागमन को प्रतिबंधित करने की योजना बनी। यही नहीं 19 मई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहर आकर निर्माणाधीन फ्लाईओवरों का स्थलीय निरीक्षण करके वाहनों का आवागमन रोकने का निर्देश दिया था। लेकिन उसके अनुरूप हुआ कुछ नहीं। पानी की टंकी की सड़क पर 24 घंटे वाहनों की आवाजाही होती है। कौशांबी, फतेहपुर, कानुपर व उसके आगे के हजारों छोटे बड़े वाहन यहीं से गुजरते हैं। बमरौली में एयरपोर्ट बनने से मार्ग की व्यवस्तता बढ़ गई है। यहीं पर नए फ्लाईओवर का निर्माण चल रहा है। वाहनों के आवागमन के चलते कार्य की रफ्तार अत्यंत सुस्त है।

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कर्मचारी हैं असुरक्षित

फ्लाई ओवर के निर्माण में लगे कर्मचारियों को हेलमेट, सेफ्टी जूता, दस्ताना व मास्क मिलना चाहिए। बिना इसके वह काम नहीं करना चाहिए। लेकिन अधिकतर कर्मचारियों को यह नहीं मिला।

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बैरिकेडिंग की उचित व्यवस्था नहीं

निर्माणाधीन फ्लाईओवरों के पास व नीचे बैरिकेडिंग की उचित व्यवस्था अभी तक नहीं हुई है। सिर्फ रामबाग में वाहनों का आवागमन रुका है। लेकिन हाईकोर्ट, पानी की टंकी, बेगम बाजार व एमएनएनआइटी के पास बन रहे फ्लाईओवरों के पास बैरिकेडिंग का उचित प्रबंध नहीं है। इसके चलते वाहन बेरोकटोक चल रहे हैं। पुलिस, प्रशासन व सेतु निगम उसे रोकने में विफल है।

वाहनों की आवाजाही के लिए सेतु निगम ने अपने स्तर पर बैरिकेडिंग कर रखी है। हर जगह गार्ड भी तैनात हैं, इसके बावजूद लोग गार्डो से लड़कर बैरिकेडिंग जबरन हटवा देते हैं। आवागमन रोकने के लिए पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र लिखा जा चुका है। रही बात कर्मचारियों को हेलमेट, सेफ्टी जूता व दस्ताना देने की तो वह सबको दिया गया है। सभी उसका प्रयोग करें वह सुनिश्चित किया जाएगा।

-सतीश कुमार, परियोजना प्रबंधक सेतु निगम

By Jagran