प्रयागराज, [ज्ञानेंद्र सिंह]। प्रदेश सरकार की ओर से जनवरी में पांच दिवसीय गंगा यात्रा से जिले में जाह्नवी किनारे के 111 गांवों के दिन बहुरने वाले हैैं। सबसे अहम युवाओं के शरीर सौष्ठव के लिए सदानीरा के किनारे के प्रत्येक गांव में गंगा मैदान बनाए जाएंगे।

गंगा मैदान के लिए मनरेगा और 14वें वित्त आयोग के बजट से पैसा खर्च होगा

इसके लिए सभी ब्लॉक के बीडीओ सक्रिय हो गए हैैं। इसी तरह शहर और सिरसा नगर पंचायत के 16 मोहल्लों में गंगा मैदान बनाए जाएंगे। गंगा मैदान के लिए मनरेगा और 14वें वित्त आयोग के बजट से पैसा खर्च किया जाएगा। वहीं पार्क के लिए नगरीय विकास विभाग धनराशि देगा। पार्क और मैदान में ओपेन जिम और व्यायामशाला भी होगी। विशेष बात यह होगी कि गांव के युवाओं को सुबह और शाम को खेलने के लिए जागरूक भी किया जाएगा। खेलकूद एवं युवा कल्याण विभाग इन मैदानों के लिए प्रशिक्षक भी लगाएगा, जहां खेलकूद की गतिविधियां संचालित होंगी।

यात्रा के दौरान 'खेलो इंडिया खेलो' के तहत खेलकूद प्रतियोगिताएं भी

पूरी यात्रा के दौरान मैदानों में 'खेलो इंडिया खेलो' के तहत खेलकूद की विभिन्न प्रतियोगिताएं संचालित होंगी। इसमें क्रिकेट, कबड्डी, बैडमिंटन, खो-खो, वॉलीबाल, बास्केटबाल की प्रतियोगिताएं होंगी। इसी तरह शहर और नगरीय क्षेत्र में बनने वाले गंगा पार्कों में ओपेन जिम और मॉर्निंग वॉक के लिए जॉगिंग ट्रैक बनाया जाएगा।

खास बातें

- 14 वें वित्त आयोग और मनरेगा के बजट से इसके लिए होगा खर्च

- 06 खेलों का आयोजन होगा यात्रा के दौरान 'खेलो इंडिया खेलो' के तहत

जल संरक्षण को बनेंगे 'गंगा तालाब'

भागीरथी के किनारे हर गांव में जल संरक्षण के लिए एक-एक गंगा तालाब भी बनाए जाएंगे। मनरेगा के तहत तालाबों की खोदाई कराई जाएगी। तालाब गंगा किनारे ही बनवाए जाएंगे, जिनके तटबंधों का सुंदरीकरण कराया जाएगा। बेंच लगाई जाएंगी और सोलर स्ट्रीट लाइट के साथ ग्रीनरी भी लगाई जाएगी। इसके अलावा तालाबों के किनारे पौधरोपण भी होगा।

'गंगा नर्सरी' और 'गंगा उद्यान'

देवनदी के किनारे सभी गांवों में गंगा नर्सरी और गंगा उद्यान भी बनाए जाने की योजना है। नर्सरी में फलदार पौधे उगाए जाएंगे, जिनसे उद्यान बनाया जाएगा। ये उद्यान नदी के दोनों तटों पर बाढ़ क्षेत्र को छोड़कर 500 मीटर के दायरे में बनाए जाएंगे। ग्रामीणों को फलदार पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्हें ये पौधे निश्शुल्क दिए जाएंगे। जो किसान अपने खेतों में फलदार पौधे लगाएंगे, उन्हें रखरखाव के लिए प्रारंभिक कुछ वर्षों तक विशेष अनुदान दिया जाएगा।

'गंगा जिला समिति' का होगा गठन

गंगा किनारे के गांवों में विशेष तौर पर विकास कराए जाने के लिए डीएम की अध्यक्षता में गंगा जिला समिति का गठन किया जाएगा। समिति में सीडीओ सचिव होंगे और प्रत्येक विभाग के नोडल अधिकारी सदस्य होंगे। समिति ही इन गांवों में होने वाले कार्यों की मॉनीटरिंग करेगी। साथ ही विभागों के बीच समन्वय स्थापित करेगी।

गंगा किनारे के गांवों में ये योजनाएं

-रोज शाम गंगा आरती की व्यवस्था होगी, उचित स्थान चिह्नित होंगे।

-गंगा तट स्थित धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्रों को आस्था के साथ पर्यटन की गतिविधियों से जोडऩे के लिए रूपरेखा तैयार होगी।

-हर गांव में गंगा किनारे श्मशान घाट बनाए जाएंगे।

-स्वास्थ्य मेला और पशु आरोग्य मेला का होगा आयोजन।

-जीरो बजट खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। फलदार पौधे लगाए जाएंगे।

-ओडीएफ प्लस का लक्ष्य पूरा होगा। शौचालयों का प्रयोग कराया जाएगा।

-सीवर-ड्रेनेज का प्रवाह गंगा में न हो इसके लिए उपाय तलाशे जाएंगे।

-पॉलीथिन को पूर्णतया प्रतिबंधित करने के लिए कार्रवाई कराई जाएगी।

-युवा कल्याण से जुड़ी गोष्ठी एवं प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा।

-स्थानीय स्वरोजगार को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा।

-गंगा की निर्मलता एवं जल संरक्षण से संबंधित निबंध, चित्रकला, वाद-विवाद व सामान्य ज्ञान प्रतियोगिताएं होंगी।

-स्वच्छता एवं स्वास्थ्य के संबंध में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे।

-पर्यावरण व प्रदूषण पर गोष्ठियां भी होंगी।

ये विभाग कराएंगे कार्य

जल शक्ति विभाग, नगर विकास विभाग, ग्राम्य विकास विभाग, पंचायती राज विभाग, गृह, परिवहन, उद्यान, कृषि, वन एवं पर्यावरण, सूचना, पर्यटन, संस्कृति, शिक्षा, स्वास्थ्य, युवा कल्याण एवं खेलकूद एवं पशुपालन विभाग।

Posted By: Brijesh Srivastava

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