जासं, इलाहाबाद : जलजनित रोगों की चपेट में आकर लोग बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच रहे हैं। शहर व ग्रामीण क्षेत्र के लोग डेंगू, मलेरिया, वायरल फीवर जैसी बीमारियों की चपेट में हैं। मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के माइक्रो बायोलॉजी विभाग में डेंगू की जांच के लिए प्रतिदिन 15 से 20 मरीज पहुंच रहे हैं।

सोमवार को एक और डेंगू के मरीज की पुष्टि हुई है। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. केपी द्विवेदी ने बताया कि सुनील कुमार (30) पुत्र सतईलाल निवासी टिकरी मांडा में डेंगू होने की पुष्टि हुई है। निजी अस्पताल में इनका इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि एलाइजा जांच में अब तक कुल 35 मरीज डेंगू के पाए जा चुके हैं। इसमें इलाहाबाद के अलावा अन्य जिलों के मरीज भी शामिल हैं। 'एडीज एजेप्टी' मच्छर से होता है डेंगू

डेंगू बुखार 'एडीज एजिप्टी' मच्छर के काटने से होता। इस मच्छर को टाइगर मासकीटो के नाम से भी जाना जाता है। यह मच्छर गंदी नालियों में यह मच्छर नहीं रहता है। यह घरों में साफ एकत्रित पानी में होता है। खास बात यह है कि यह सिर्फ दिन में ही काटते हैं। सामान्य लक्षण

तेज बुखार, तेज बदन दर्द, सिर दर्द, जोड़ों के दर्द, आंख में दर्द व शरीर पर दाना निकलना डेंगू बुखार का प्रमुख लक्षण है। ऐसे मरीजों में प्लेटलेट्स काउंट एक लाख से कम हो जाता है। लक्षण दिखने पर सरकारी अस्पताल या मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के माइक्रो बायोलॉजी लैब से ही जांच कराएं। बचाव के उपाय:

- घर में आस पास पानी न एकत्रित होने दें।

- सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।

- शरीर पर नीम या सरसों के तेल का प्रयोग करें।

- घर में मच्छर अगरबत्ती जला सकते हैं।

- घर में कूलर या बाल्टी के पानी को हमेशा बदलते रहें।

Posted By: Jagran