प्रयागराज, जागरण संवाददाता। प्रयागराज के कर्नलगंज थानाक्षेत्र में बीते दिनों 18 वर्षीय स्नातक छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म और हत्या हुई थी। उक्त मामले की सीबीआइ से जांच कराने को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट में पत्र याचिका दाखिल की गई है। याचिका दाखिल करने वाले प्रयाग लीगल एड क्लीनिक के अधिवक्ता गौरव द्विवेदी का कहना है कि इस नृशंस कांड से प्रयागराज की पुलिस व कानून-व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। घटना की निष्पक्ष जांच जरूरी है। याचिका में मुख्य न्यायाधीश से घटना का स्वत: संज्ञान लेकर सुनवाई करने की मांग की गई है।

इन अधिकारियों को बर्खास्‍त करने की मांग

याचिका में कहा गया है कि प्रदेश सरकार द्वारा मिशन शक्ति के नाम से महिला सुरक्षा को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। इसमें सामूहिक दुष्कर्म और हत्या जैसी घटनाओं की रोकथाम के लिए क्या उपाय किए जाते हैं? यह किसी को नहीं पता है। याचिका में कहा गया है कि वर्तमान समय में प्रयागराज में माघ मेला चल रहा है। ऐसा समय है जब पुलिस अधिक सक्रिय रहती है। इसके बावजूद इस प्रकार की घटनाएं होना बेहद चिंताजनक है।

यचिका में प्रयागराज के कमिश्नर, जिलाधिकारी, एसएसपी और इंस्पेक्टर कर्नलगंज को बर्खास्त करने की मांग की गई है।

जानें प्रयागराज में घटनाक्रम

मामले के अनुसार कर्नलगंज थाना क्षेत्र के सलोरी मोहल्ले में एक लाज में रहकर स्नातक की पढ़ाई कर रही छात्रा 22 जनवरी को रात साढ़े आठ बजे दवा लेने के लिए निकली थी। वापस लौटते समय वह आइईआरटी के पास अपने एक दोस्त से मिलने चली गई। जहां चार पांच नकाबपोश लोगों ने उनको घेर लिया और पिटाई करने लगे। छात्रा का दोस्त वहां से बचकर भाग निकला। इसके बाद छात्रा वापस नहीं लौटी ने परिवार वालों ने उसकी तलाश शुरू कर दी। 25 जनवरी को छात्रा का शव आइईआरटी के पास जंगल में एक कुएं में मिला था।

Edited By: Brijesh Srivastava