प्रयागराज,जेएनएन।  प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय अब मंडल के सभी महाविद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों का डेटा बैंक बनाएगा। विवि प्रशासन ने सभी 629 महाविद्यालयों को प्रोफॉर्मा भेज दिया गया है। फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाने के लिए उच्च शिक्षा निदेशालय के आदेश पर विवि प्रशासन ने यह कदम उठाया है। हालांकि, महाविद्यालयों की लापरवाही के चलते अब तक 50 फीसद से भी कम ने यह प्रोफॉर्मा विवि प्रशासन को सौंपा है।

शिक्षकाें और कर्मचारियों के अभिलेखों का होगा सत्‍यापन

दरअसल, फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाने के लिए प्रदेश सरकार ने सभी महाविद्यालयों के शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेख का सत्यापन कराने का फैसला लिया था। इसके लिए उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों से संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों का डेटा बैंक तैयार कर उपलब्ध कराने को कहा।

महाविद्यालयों को भेजा गया प्राफार्मा

ऐसे में प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर संगीता श्रीवास्तव के निर्देश पर प्रयागराज मंडल के चारों जिलों (प्रयागराज, कौशांबी, फतेहपुर और प्रतापगढ़) के सभी 629 महाविद्यालयों को प्रोफॉर्मा भेजा गया। इसमें शिक्षकों और कर्मचारियों को नाम, पिता का नाम, जन्मतिथि, कार्यरत वर्तमान महाविद्यालय का नाम, सेवा अवधि, प्राप्त की हुई अंतिम डिग्री, पैन कार्ड नंबर, आधार कार्ड नंबर, वर्तमान पता और स्थायी पता का विवरण देने को कहा गया था। इसी से डेटा बैंक तैयार किया जाना है। साथ ही इन शिक्षकों और कर्मचारियों का अभिलेख भी विश्वविद्यालय प्रशासन खंगालने की तैयारी में है।

प्रोफार्मा जमा करने की अंतिम तिथि 13 जुलाई

प्रोफॉर्मा जमा करने की अंतिम तारीख 13 जुलाई तय की गई थी। इसके बावजूद स्थिति यह है कि अब तक दो तिहाई से कम महाविद्यालयों ने ही विवि प्रशासन को सूचना उपलब्ध कराई है। प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय के कुलसचिव शेषनाथ पांडेय ने बताया कि कुलपति के निर्देश पर महाविद्यालयों को प्रोफॉर्मा भेजकर शिक्षकों और कर्मचारियों का विवरण मांगा गया है। अभी दो तिहाई से भी कम महाविद्यालयों ने यह प्रक्रिया पूरी की है।

Posted By: Brijesh Srivastava

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