संसू, मेजा : गुरुवार की शाम को अचानक आए चक्रवाती तूफान ने मेजा के लक्षन का पूरा व दरी गांव स्थित अहिरन का पूरा में जमकर तबाही मचाया। इस दौरान 50 से भी ज्यादा पेड़ धराशायी हो गए। साथ ही तीन दर्जन से भी ज्यादा लोगों के घर से छत उड़ गई। इस घटना में एक महिला को काफी गंभीर चोट भी आई है। चक्रवाती तूफान को लेकर गांव में डर एवं दहशत का माहौल है।

गुरुवार की शाम को जब तेज बरसात शुरू हुई तो इलाके के ग्रामीणों ने गर्मी एवं उमस से राहत की सांस लिया लेकिन इसी बरसात के दौरान मेजा के दक्षिणांचल स्थित लक्षन का पूरा व दरी गांव स्थित अहिरन का पूरा के बीच अचानक चक्रवाती तूफान आ गया। जब तक लोग कुछ समझ पाते तब तक कच्चे मकानों की छत, टीन शेड एवं सीमेंटेड शेड की छत चक्रवात की भेंट चढ़ गए। यही नहीं दोनों गांवों के बीच 50 से भी ज्यादा छोटे-बड़े पेड़ जमींदोज हो गए। अहिरन का पूरा गांव निवासी आशा देवी पत्नी शेषमणि यादव के घर की दीवार गिर गई जिसमें दबकर वह घायल हो गई। इस घटना में उनके घर की सीमेंटेड शीट भी उड़ गई। जगत नारायण यादव के घर की टीन शेड भी उड़ गई। साथ ही उनका आम का भारी भरकम पेड़ धरासायी हो गया, जिसमें उनका खुद का ट्रैक्टर दबकर क्षतिग्रस्त हो गया। रणजीत सिंह, रंगलाल यादव, रामजी यादव के घर भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। इसी प्रकार से लक्षन का पूरा गांव निवासी रामसूरत पटेल, राजदेव पटेल, रामसुमेर गुप्ता, नवमी प्रसाद के कच्चे घरों की छत उड़ गई। इसके साथ ही कई कच्चे मकानों की दीवार भी गिर गई। चक्रवात की सूचना को लेकर दोनों ही गांवों में अफरा-तफरी मच गई। हर कोई अपने घरों से बाहर निकल कर अपने क्षतिग्रस्त सामानों को समेटने में लग गया।

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